दाम्पत्य जीवन को सुदीर्घ बनाये रखने के लिए आपसी समझ सबसे ज्यादा जरूरी है। शादीशुदा जिंदगी में अक्सर दोनों में से एक पार्टनर थोड़ा अधिक एडजस्ट करता है। हर व्यक्ति का परिपक्वता और समझ का स्तर भी अलग हो सकता है लेकिन यदि केवल एक ही कोई पूरी समझदारी दिखाए और दूसरा गलतियां करता चला जाए तो रिश्ते का दरकना स्वाभाविक है। इसलिए जरूरी है कि रिश्ते में गलतियों की गुंजाईश भले ही हो लेकिन उसे सुधारने के प्रयास भी दोनों तरफ से किये जाएं। गलतियां करना मानव स्वभाव है और गलतियां सबसे होती हैं। दाम्पत्य जीवन में जब दो लोग एक-दूसरे के साथ शरीरिक, मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक हर स्तर पर जुड़े होते हैं तो आवश्यक होता है कि गलतियों को लेकर सतर्क रहा जाए और यदि गलतियां हों भी तो उन्हें समझ-सुलझा कर आगे बढ़ा जाये। यही वह बात है जो रिश्ते को लम्बे समय तक बनाये रखने के साथ ही आपसी प्रेम और विश्वास को भी बनाए रखती है।
Relationship Goals: रखना है रिश्ते को अटूट तो भूल कर भी न करें ये गलतियां
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पुराना कच्चा चिटठा
यह सहज इंसानी स्वभाव है कि इंसान ज्यादा समय वर्तमान पर फोकस करने की बजाय भूतकाल में जीता है। अगर अकेले यही एक समस्या खत्म हो जाए तो दुनियाभर में डिप्रेशन, एंग्जायटी, तनाव के केसेस आधे हो सकते हैं। ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो लोगों द्वारा किये गए बुरे को पूरी तरह भुला पाते हैं। रिश्ते में यह बात और भी गंभीर रूप ले लेती है। उदाहरण के लिए आपके पार्टनर ने साल भर पहले गलती से आपके बनाये एक सरप्राइज प्लान को चौपट कर दिया था। उसने बाद में माफी भी मांग ली और आपने माफ़ भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद आप जब भी मौका मिले उसकी उस गलती को जताना भूलते नहीं- कि इन्होने तो ऐसा कर दिया था। अब एक-आध बार सामने वाला इस बात से झेंप जाएगा, मजाक में लेगा, फिर से सॉरी भी बोल देगा लेकिन अगर आप उस बीती हुई छोटी सी बात को बार बार दोहराएंगे और उसे किसी व्यक्ति की पर्स्नालिटी से जुडी गलती बताने लगेंगे तो किसी का भी दुखी होना स्वाभाविक है। वह गलती इतनी बड़ी बन जाएगी कि सामने वाले की हर अच्छाई उसके आगे छुप जाएगी और रिश्तों में कड़वाहट आने लगेगी।
अपशब्दों का कोई इलाज नहीं
शब्दों को तौल कर बोलिये, यह वाक्य इसलिए ही कहा जाता है क्योंकि शब्द से होने वाले घाव मन पर होते हैं। यह सच है कि हर व्यक्ति के गुस्से का स्तर और उसे दर्शाने का तरीका अलग हो सकता है लेकिन इंसान होने के नाते आपको अपनी सीमा का ध्यान रखना तो जरूरी है। यदि आप ग़ुस्से में ऐसा कुछ बोल जाते हैं जो सामने वाले के दिल को तोड़ दे तो बाद में उसकी मरम्मत का कोई तरीका नहीं होता। वह बात हमेशा के लिए दिल में रह सकती है और आपके पार्टनर को यह लग सकता है कि उसके स्वाभिमान, उसके प्रेम किसी भी चीज के लिए आपके मन में सम्मान नहीं। इसलिए पति हो या पत्नी, गुस्से को प्रकट करते समय भी अपने शब्दों पर गौर करें। अगर ज्यादा गुस्सा आ रहा हो तो उस जगह से तुरंत हटकर एकांत में चले जाएँ और कोई एनिमेशन या हंसी मजाक वाला प्रोग्राम देखने लगें। यही बात यहां भी लागू होती है कि यदि आपका पार्टनर गुस्सा है तो उस समय उसे स्पेस दें और बहस करने की बजाय तब अपनी बात रखें जब वह थोड़ा नॉर्मल हो जाए। यदि आपके पार्टनर का गुस्सा थैरेपी या काउंसिलिंग मांगता है तो उस पर भी काम करें।
आपसी विश्वास और सम्मान
हालाँकि आजकल दम्पत्ति कई मामलों में जिम्मेदारी से लेकर काम और सम्मान की भावना भी आपस में समझकर बांटते हैं जो कि बहुत अच्छी बात है लेकिन कई दम्पत्ति इसका महत्व नहीं समझते और यह चीज रिश्तों में दरार लाने का काम करती है। यदि आपके पार्टनर का काम, वर्किंग अवर्स आदि आपसे बिलकुल अलग हैं तो भी उसपर विश्वास रखें। इंसान होने के नाते यह भावना भी रखें कि थकान, भूख, काम का प्रेशर किसी को भी हो सकता है और किसी का भी काम उसके लिए महत्वपूर्ण होता है। किसी के भी दोस्तों, दफ्तर के सहयोगियों या रिश्तेदारों के सामने उसका मजाक बिलकुल न उड़ाएं। यहां मजाक से मतलब तानाकशी से है स्वस्थ हंसी-मजाक से नहीं। याद रखिये अगर आप अगर सबके सामने अपने पार्टनर का उपहास उड़ाएंगे तो दूसरे लोग भी इससे पीछे नहीं रहेंगे और यह बड़ी समस्या बन जायेगा।
छोटी खुशियों को नजरअंदाज कर देना
भौतिक दुनिया का सबसे कड़वा सच। आपके पार्टनर ने आपके लिए आपका पसंदीदा नाश्ता बना दिया हो, आपके पसंद की रंग के फूल किसी दिन टेबल पर सजा दिए हों, दफ्तर से जल्दी आकर वह फ्यूज़ बल्ब बदल दिया हो जो पिछले चार दिनों से आप व्यस्तता के कारण नहीं बदल पा रहे थे या खाना बनाने में आपकी थोड़ी मदद कर दी हो, तो इस पर मन से ख़ुशी जताइए। अक्सर हम बड़ी खुशियों की चाहत में छोटी खुशियों को नजरअंदाज कर देते हैं। चाहे छोटी हों लेकिन ये सब बातें मायने रखती हैं। जैसे बच्चों का निश्छल मन होता है और वे चॉकलेट के डिब्बे में बची दो चॉकलेट देखकर भी डिब्बा खाली होने का गम मनाने की बजाय दो चॉकलेट्स मिलने का जश्न मनाते हैं, वैसे ही आप भी छोटी छोटी खुशियों का कारण खोजिये। ये छोटी छोटी खुशियां आपके बीच के बॉन्ड को और मजबूत बनाने का काम करेंगी।