दोस्ती की रिश्ता बेहद खास होता है लेकिन उसी दोस्त से प्यार हो जाए तो फिर सब कंप्लीकेटेड हो जाता है। आप भी कहीं इनमें से एक तो नहीं, जो अपने दोस्त से प्यार करने लगे है लेकिन इजहार नहीं कर पा रहे?
ऐसा अक्सर होता है कि हम अपने दोस्त को ही चाहने लगते हैं, कभी-कभी तो हमें खुद भी समझ नहीं आता कि ये दोस्ती है या प्यार। चलिए आपको बताते हैं ऐसे तरीके जिनसे आप जान सकते हैं कि क्या आपके दोस्त के मन में भी वही है जो आपके दिल में चल रहा है?
अगर आपको लगता है कि आपके दोस्त के अंदर भी आपको लेकर वैसी ही भावनाएं है जैसी आपके अंदर तो उसके करीब आने की कोशिश करें। दोस्ती के अलावा उससे और दूसरी बातें भी करें।
ये जानने के लिए कि उसके अंदर भी वहीं है या नहीं साथ में समय बिताएं। खासतौर से कोई फिजिकल एक्विटी जैसे साथ जिम जाएं, कसरत करें या सुबह वॉक पर साथ जाएं। ऐसी क्रियाएं करने से एक अलग रिश्ता बनता है।
कोशिश करें कि दोस्त के करीब आएं। करीबी से मतलब शारीरिक सम्बन्ध से नहीं है बल्कि उसके मन की बातें जानने की कोशिश करें। उसके दुख सुख शेयर करें।