हमारी जीवनशैली और आदतों का स्पष्ट रूप से सेहत पर असर पड़ता है। स्वभाव में जितनी सादगी होगी, हमारा मन उतना ही शांत रहेगा। डॉक्टरों की मानें तो जीवन की सादगी, तनाव जैसी समस्याओं को कम करने के साथ सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकती है। यही कारण है कि जिस व्यक्ति का जीवन जितना सामान्य होता है, उसमें मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं उतनी ही कम होती हैं।
National Simplicity Day: जानिए मानसिक स्वास्थ्य के लिए कैसे फायदेमंद है सरल जीवनशैली?
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सामान्य जीवन और अच्छी नींद की संबंध
विशेषज्ञों के मुताबिक मल्टी टास्किंग बनने या एक समय में कई सारी चीजों को करने की चाहत के कारण तनाव और कई तरह की अन्य मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में आपकी नींद प्रभावित हो जाती है, जो सेहत के लिए कई मायनों में नुकसादायक साबित हो सकती है। सोने में कठिनाई या फिर ठीक से नींद न आने की समस्या को मन और शरीर की समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है। जीवन को सरल रखकर और भौतिक चीजों से दूरी बनाकर अच्छी नींद प्राप्त की जा सकती है, जो हमारे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है।
ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी
विशेषज्ञों की मानें तो यदि आप साधारण और सरल जीवनयापन करते हैं तो किसी कार्य के प्रति शीघ्र उत्तेजना से बच सकते हैं। यह आपके ध्यान केंद्रित करने की शक्ति को बढ़ाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब बच्चों के पास बहुत अधिक खिलौने होते हैं, तो वे अत्यधिक उत्तेजित हो जाते हैं और केवल एक चीज़ के साथ खेलने पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं। सरल जीवन की आदत बच्चों में शुरुआत से ही डालनी चाहिए, इससे भविष्य में उन्हें ध्यान केंद्रित करने वाली समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कम अव्यवस्था,अधिक रचनात्मक
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों का जीवन अव्यवस्थित रहता है, उनको मानसिक स्वास्थ्य की समस्या जैसे तनाव और चिंता होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों में समय के साथ रचानात्मकता कौशल भी कम होती जाती है। जीवनशैली को समयबद्ध और सुव्यवस्थित करके इन समस्याओं से बचा जा सकता है। दैनिक कार्यों को समयबद्ध तरीके से करके रचनात्मकता में वृद्धि की जा सकती है।