मकर संक्रांति के नजदीक आते ही बच्चे अपने-अपने घर की छतों पर मांझा और पतंग लेकर पहुंच जाते हैं।जिसके बाद आसमान में अलग-अलग कलर की रंग-बिरंगी पतंगे उड़ती हुई नजर आने लगती हैं।भारत के कई हिस्सों में पतंग उड़ाने का यह त्योहार अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। कहीं लोग 15 अगस्त को पतंग उड़ाते हैं तो कहीं रक्षाबंधन के मौके पर पतंग उड़ाई जाती हैं। पर क्या आप जानते हैं भारत के अलावा अमेरिका, चीन, जापान समेत कई देशों में पतंग उड़ाने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं।आइए जानते हैं किन देशों में कब उड़ाई जाती हैं पतंग।
दुनिया भर में इन खास नामों से पहचाना जाता है पतंग का ये त्योहार, जानें इसके पीछे की मान्यताएं
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अमेरिका में इस महीने उड़ाई जाती है पतंग
अमेरिका में भी लोग पतंगबाजी के बहुत शौकिन हैं।पतंगबाजी के दौरान वहां रेशमी कपड़ों के अलावा प्लास्टिक की पतंगे भी उड़ाई जाती हैं। लोग यहां जून के महीने में पतंग उड़ाते हैं।
चीन में भी होती है पतंगबाजी
चीन में प्रत्येक वर्ष 9 सितंबर को पतंगोत्सव मनाया जाता है। इस दिन चीन के लगभग सभी लोग पूरे जोश और उत्साह के साथ पतंगबाजी की प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। चीन में किंन राजवंश के शासन के दौरान पतंग उड़ाकर उसे अज्ञात स्थान पर छोड़ देने को अपशकुन माना जाता था।इसके अलावा कटी पतंग को उड़ाना भी बुरा समझा जाता था।बता दें, यहां हर साल वेफन्ग इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 20 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच मनाया जाता है।
भारत ही नहीं जापान के स्थानीय लोग भी पतंगबाजी के काफी शौकीन माने जाते हैं।यहां स्थानीय लोगों की पतंग उड़ाने को लेकर कई मान्यताएं हैं।यहां लोग मानते हैं कि पतंग उड़ाने से देवता प्रसन्न होते हैं।यहां हर साल मई के महीने में पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जिसमें हिस्सा लेने के लिए लोग अलग-अलग जगहों से आते हैं।
थाइलैंड में हर राजा की अपनी विशेष पतंग होती थी, जिसे सर्दी के मौसम में भिक्षु और पुरोहित देश में शांति और खुशहाली की आशा में उड़ाते थे।थाइलैंड के लोग अपनी प्रार्थनाओं को भगवान तक पहुंचाने के लिए वर्षा ऋतु में पतंग उड़ाते थे।