मोनिका अग्रवाल
स्वस्थ जीवन-शैली की शुरुआत छोटे, लेकिन असरदार कदमों से होती है और इनमें से एक महत्वपूर्ण कदम है रोजाना ताजा जूस पीना। घर पर बना जूस स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है। वहीं बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड जूस में अक्सर प्रिजर्वेटिव, अतिरिक्त चीनी और कृत्रिम फ्लेवर होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। इसके विपरीत घर का ताजा जूस पूरी तरह प्राकृतिक होता है और इसमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर त्वचा की चमक तक के लिए फायदेमंद हैं।
हालांकि आज की व्यस्त दिनचर्या में हर दिन जूस बनाना कठिन लग सकता है, लेकिन आधुनिक तकनीक ने इसे काफी आसान बना दिया है। बाजार में उपलब्ध जूसर, सेंट्रीफ्यूगल और कोल्ड प्रेस जैसे उपकरण मिनटों में ताजा जूस तैयार करने में मदद करते हैं। पसंदीदा फल या सब्जियों को काटकर मशीन में डालें और कुछ ही मिनट में ताजगी से भरा जूस तैयार। लेकिन जूसर से बने इस जूस में क्या पोषक तत्व कम हो जाते हैं? जानकार कहते हैं कि पोषक तत्वों में कुछ कमी तो आती है।
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`इलेक्ट्रिक जूसर
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इलेक्ट्रिक : तेज और सुविधाजनक
इलेक्ट्रिक जूसर आजकल हर किचन की जरूरत बन गए हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये बहुत कम समय में जूस तैयार कर देते हैं। इसमें आपको बस फल या सब्जी के टुकड़े डालने होते हैं और एक बटन दबाते ही ताजे जूस का गिलास आपके सामने होता है। इनमें भी सेंट्रीफ्यूगल जूसर तेज घूमने वाले ब्लेड की मदद से फलों और सब्जियों को काटते हैं और जूस को अलग कर देते हैं। इनका उपयोग करना बेहद आसान होता है और ये कठोर सब्जियों, जैसे गाजर या चुकंदर के लिए उपयुक्त हैं। वहीं इलेक्ट्रिक जूसर में कोल्ड प्रेस जूसर, जिसे स्लो जूसर भी कहा जाता है, बेहद धीमी गति से फल और सब्जियों को दबाकर जूस निकालने का उपकरण है। इसका फायदा यह है कि पोषक तत्व नष्ट नहीं होते और जूस अधिक समय तक ताजा रहता है।
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Blender
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ब्लेंडर और स्मूथी मेकर
पोषण का नया रूप ब्लेंडर एक पारंपरिक जूसर है, जो फलों और सब्जियों को पूरी तरह से पीसकर एक गाढ़ा मिश्रण बनाता है, जिसे स्मूथी कहा जाता है। स्मूथी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे अधिक समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। इसमें सिंगल-सर्व ब्लेंडर भी आते हैं, जो छोटे परिवारों या अकेले रहने वालों के लिए उपयुक्त होता है। इसका उपयोग बेहद सरल है और सफाई करना भी काफी आसान है। वहीं हाई स्पीड ब्लेंडर नट्स, बीज और बर्फ जैसे कठोर पदार्थों को बड़ी आसानी से पीस सकता है। इससे आप पोषण और स्वाद से भरपूर ग्रीन स्मूथी, प्रोटीन शेक आदि बना सकती हैं।
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मैनुअल जूसर
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मैनुअल : पारंपरिक और असरदार
अगर आप बिजली से चलने वाले उपकरणों से बचना चाहती हैं या सफर के दौरान भी ताजे जूस का मजा लेना चाहती हैं तो मैनुअल जूसर एक शानदार विकल्प हो सकता है। यह हाथ से चलाया जाता है और खासतौर पर नींबू, मौसमी, अनार जैसे फलों के लिए उपयोगी साबित होता है। इसमें भी लीवर-प्रेस मैनुअल जूसर खास है, जिसमें फल को आधा काटकर प्लेटफॉर्म पर रखा जाता है और ऊपर से दबाया जाता है। यह आसानी से रस निकालने में सक्षम होता है।
वहीं स्क्रू टाइप मैनुअल जूसर में फल को घुमा-घुमाकर पल्प से रस निकाला जाता है। यह थोड़ा श्रमसाध्य होता है, लेकिन पूरी तरह से बिजली मुक्त होता है, जिसे आपके बच्चे भी उपयोग कर सकते हैं। साथ ही अगर आपको जूस में पल्प पसंद नहीं है या बच्चों को देना है तो स्ट्रेनर या फिल्टर का उपयोग करके जूस को और भी स्मूद बना सकती हैं। कई जूसर में यह सुविधा इनबिल्ट होती है, लेकिन अगर न भी हो तो आप अलग से स्टील या नायलॉन स्ट्रेनर खरीद सकती हैं।
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मल्टीफंक्शनल जूसर
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मल्टी फंक्शनल जूसर
आज की आधुनिक रसोई में मल्टी फंक्शनल जूसर एक स्मार्ट समाधान बनकर उभरा है। यह केवल जूस निकालने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ग्राइंडिंग, चॉपिंग और प्यूरी बनाने जैसे कई काम भी आसानी से कर सकता है। एक ही मशीन में इतने फंक्शन होने से न सिर्फ किचन का काम आसान होता है, बल्कि अलग-अलग उपकरण खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ती। ये जूसर शक्तिशाली मोटर, शार्प ब्लेड्स और मल्टी-स्पीड कंट्रोल के साथ आते हैं, जिससे आप अपनी जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री प्रोसेस कर सकती हैं। साथ ही इनका कॉम्पैक्ट डिजाइन छोटे किचन में भी आसानी से फिट हो जाता है। यदि आप सेहत के प्रति सतर्क रहती हैं और रोजाना फ्रेश ड्रिंक्स बनाना पसंद करती हैं तो यह उपकरण आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।