कोरोना वायरस के चेन को तोड़ने के लिए पूरे भारत में लॉकडाउन लागू किया गया है। लॉकडाउन के वजह से बहुत से लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। एक निर्धारित जगह में ही रहना, खाना-पीना और काम करने के कारण लोग अपने हेल्थ को लेकर चिंतित भी हो रहे हैं। वहीं कई लोग पूरे दिन बिस्कुट, चिप्स और स्नैक आइटम को खाते हुए घर में काम कर रहे हैं। ऐसे में लगातार काम करते हुए खाते रहना स्ट्रेस ईटिंग का संकेत है। स्ट्रेस ईटिंग स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। यह कई बीमारियों को जन्म दे सकता है।
वर्क फ्रॉम होम में न हो जाएं स्ट्रेस ईटिंग के शिकार, जानिए बचने के उपाय
स्ट्रेस ईटिंग एक प्रकार की मानसिक स्थिति है, जिसमें इंसान मन ही मन चिंता में रहता है और अपने स्ट्रेस को कम करने के लिए कुछ न कुछ खाते रहता है। वहीं कई लोग अपने विचार और भावनाओं को बदलने के लिए खाना को आसान तरीके के रूप में चुनते हैं। विचारों से मुकाबला करने में वो खाते जाते हैं। भूख कितनी है और कितना खा रहे हैं, इस सब की परवाह बिल्कुल भी नहीं करते हैं।
स्ट्रेस ईटिंग में हम जंक फूड्स ही क्यों खाते हैं?
स्ट्रेस ईटिंग के दौरान इंसान अक्सर आराम से खाए जाने वाले पदार्थों का चयन करता है। ऐसे में वह जंक फूड, डेसर्ट और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ को खाना पसंद करता है। हालांकि इन पदार्थों में ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है, जो ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ा देता है। वैसे खाने में तो यह फूड भले ही अच्छा लगता है लेकिन यह आपके ब्लड प्रेशर और वजन को बढ़ा देता है। इसके अलावा ऐसे फूड से भूख खत्म नहीं होता बल्कि हमारी भूख और बढ़ जाती है। इसलिए, आमतौर पर आपको कुछ समय बाद ही फिर से खाने की जरूरत महसूस होती है।
स्ट्रेस ईटिंग के नुकसान
स्ट्रेस ईटिंग हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित करता है। इसके वजह से मोटापा, मूड स्विंग्स और डायबिटीज की समस्या हो जाती है। वहीं लगातार खाने के कारण आप आत्मअपराध की भावना से भी जूझते रहते हैं। स्ट्रेस ईटिंग में आप जैसे-जैसे खाते जाते हैं आपको अपने इस काम पर पछतावा होता रहता है। वैसे तो यह भावना क्षणिक होता है पर यह चिंता या अवसाद के जोखिम को बनाए रखता है।
स्ट्रेस ईटिंग से बचने के ऊपाय
- अगर आप घर से काम कर रहे हैं तो एक सही कार्यस्थल का चयन करें और आसपास किसी भी तरह की खाने-पीने की चीज न रखें। खासतौर पर जंक फूड से तो दूरी बनाकर ही रखें।
- अक्सर लोग घर से काम करते हुए दिनचर्या का पालन नहीं करते हैं। ऐसा करने से बचें।
- घर पर हैं तो नियमित अंतराल पर पूर्ण स्वस्थ भोजन करें।
- भोजन करने के दौरान टेलीविजन, फोन आदि देखने से बचें। मन लगाकर खाना खाएं, जो आपके द्वारा खाए जा रहे भोजन से आपका पेट भरेगा और आपको बार-बार भूख नहीं लगेगा।
- ऐसा नहीं है कि आपको किसी चीज के खाने से मनाही है लेकिन संयम से खाएं।