शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए हमें रोजाना ऐसे आहार की जरूरत होती है, जिनसे आवश्यक अधिकतर पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके। सेहत की बात आने पर अक्सर हम सभी के दिमाग में सबसे पहले प्रोटीन, विटामिन सी-डी और फाइबर का ख्याल आता है, पर मिनरल्स को अनदेखा कर दिया जाता है। मिनरल्स की हमें भले ही कम मात्रा में जरूरत होती है, पर ये शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अच्छी सेहत के लिए जिंक भी बहुत जरूरी है।
जानना जरूरी: बार-बार पड़ जाते हैं बीमार? कहीं ये जिंक की कमी के कारण तो नहीं
Nutrition Deficiency: जिंक की कमी में भूख कम लगने, बाल झड़ने, स्वाद या गंध में बदलाव, घाव देर से भरने और बार-बार संक्रमण जैसे संकेत दिख सकते हैं। इससे बच्चों में विकास प्रभावित हो सकता है। इम्युनिटी कमजोर होने के कारण आप बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं।
जिंक की कमी का खतरा
जिंक की कमी के संकेत कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं। आपकी भूख कम हो जाती है, बाल झड़ने लगते हैं, घाव देर से भरता है और स्वाद या गंध में बदलाव भी महसूस हो सकता है। बच्चों में इसका असर उनके शारीरिक विकास पर भी पड़ सकता है। पहले से ही पाचन संबंधी समस्याओं के शिकार, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं में जिंक की कमी का जोखिम दूसरों की तुलना में ज्यादा देखा जाता है।
आइए जानते हैं कि कहीं आपमें भी तो जिंक कम नहीं हो गया है?
तेजी से झड़ने लगे हैं आपके बाल?
- जिंक की कमी में बाल झड़ना, त्वचा पर चकत्ते या त्वचा से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन केवल बाल झड़ने को जिंक की कमी का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसके कई अन्य कारण भी होते हैं। जिंक की कमी का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपके खान-पान, दूसरी बीमारियों और अन्य लक्षणों को देखकर भी इसका आकलन करते हैं।
स्वाद और गंध में हो सकता है बदलाव
- जिंक की कमी से स्वाद और गंध महसूस करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। खाना पहले जैसा स्वादिष्ट न लगना या गंध पहचानने में परेशानी होना इसके संभावित संकेतों में से एक हैं। हालांकि स्वाद या गंध में बदलाव संक्रमण सहित कई दूसरी स्थितियों में भी हो सकता है। इसके अन्य कारणों को समझने के लिए यहां क्लिक करें
इम्युनिटी की समस्या
जिंक शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और घाव भरने की प्रक्रिया के लिए जरूरी है। ऐसे में इसकी कमी होने पर घाव भरने में देरी हो सकती है और शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी कम हो जाती है। बच्चों में बार-बार संक्रमण होना, विकास में कमी और भूख कम होना भी जिंक की कमी से जुड़े संकेत हो सकते हैं।
किन लोगों में कमी का खतरा ज्यादा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पाचन तंत्र की ऐसी बीमारियां जिनमें पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होता है इसके कारण शरीर में जिंक सहित अन्य पोषक तत्वों की कमी का जोखिम बढ़ जाता है।
- इसके अलावा शाकाहारी या वीगन डाइट वाले लोग, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान भी जिंक की कमी ज्यादा देखी जाती है।
- कुछ मामलों में देखा गया है कि शराब के सेवन की आदत वालों में भी जिंक की कमी का खतरा अधिक होता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।