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XBB.1.16 वैरिएंट: संक्रमण के साथ-साथ मृत्यु के भी बढ़े आंकड़े, एक महीने में 27 हजार की गई जान, WHO चिंतित

Tue, 04 Apr 2023 10:17 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 04 Apr 2023 10:17 AM IST
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xbb.1.16 Virus Increase Risk of Death, What are the symptoms and complications of newest Covid variant
कोरोना वायरस और इसके खतरे - फोटो : iStock

भारत सहित दुनिया के कई देशों में जिस रफ्तार से कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है उसने अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में भारत में बढ़ते संक्रमण के मामलों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता जाहिर करते हुए सभी को सावधान रहने की सलाह दी है। जारी महामारी की रिपोर्ट में संक्रमण और इसके कारण बढ़ते मौत के आंकड़ों पर रोकथाम के लिए सख्ती से कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवयर का पालन करने की सलाह दी गई है। साप्ताहिक महामारी संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, 27 फरवरी से 26 मार्च 2023 तक लगभग 3.6 मिलियन नए मामले रिपोर्ट हुए हैं और 25 000 से अधिक मौतें दर्ज की गईं। 



डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 मामलों की टेक्निकल लीड डॉ मारिया वान केरखोव कहती हैं, 22 देशों से कोरोना के 800 से अधिक सीक्वेंस मिले हैं, इनमें से सबसे अधिक भारत से हैं। कोरोना के बढ़ते आंकड़े चिंताजनक हैं।

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कोरोना के नए वैरिएंट्स खतरनाक - फोटो : istock

कोविड वैरिएंट XBB 1.16  है प्रमुख कारण

डॉ मारिया कहती हैं, इस समय कोरोना के XBB 1.16 वैरिएंट को ही बढ़ते मामलों का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस वैरिएंट ने भारत में अन्य सब-वैरिएंट्स को रिप्लेस कर दिया है।  प्रयोगशाला अध्ययनों के अनुसार, एक्सबीबी.1.16 ने संक्रामकता में वृद्धि के साथ-साथ संभावित रूप से बढ़ी हुई रोगजनकता के संकेत भी दिए हैं। भारत ने पिछले कुछ महीनों में सबसे अधिक कोविड मामलों की सूचना दी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने एडवाइजरी जारी कर देश में टेस्टिंग और सर्विलांस बढ़ा दिया है।

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कोरोना के कारण बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : iStock

मौत का भी बढ़ रहा है खतरा?

वैज्ञानिकों की टीम ने पाया है कि अभी तक कोविड लक्षणों के पैटर्न या प्रकार में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। कोरोना वायरस के पिछले वैरिएंट्स में जिस तरह के लक्षण दिख रहे थे, उसी तरह के लक्षण इस बार के संक्रमण में भी देखे जा रहे हैं। ज्यादातर संक्रमितों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहने, कुछ मामलों में थकान, मांसपेशियों में दर्द और पेट की समस्याएं हो सकती हैं, पर ये गंभीर रोग का कारण नहीं बन रहे हैं। गंभीरता का जोखिम कुछ स्थितियों में हो सकता है।

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कोरोना की जांच (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI

ऐसे लोगों में गंभीर रोग-मृत्य का खतरा

महामारी रिपोर्ट के मुताबिक वैसे तो कोरोना संक्रमित होने वाले अधिकतर लोग आसानी से ठीक हो जा रहे हैं पर जिन लोगों को कोमोरबिडिटी है, इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है या फिर जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है ऐसे लोगों में यह गंभीर रोग का कारण जरूर बन सकता है। रोग की स्थिति बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती होने और मौत का भी जोखिम हो सकता है। ऐसे जोखिम कारक वालों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।

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कोरोना से बचाव के करें उपाय - फोटो : Pixabay

संक्रामक रोग अनुसंधान और नीति केंद्र (CIDRAP) की रिपोर्ट के अनुसार, नए वैरिएंट्स से कोरोना संक्रमितों में हमने डेल्टा वैरिएंट्स जैसे लक्षणों में गंभीर बदलाव नहीं देखे हैं। लेकिन जिस तरह के वैश्विक रिपोर्ट हैं, उससे स्पष्ट होता है कि "हम अभी भी वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति में ही हैं। वायरस अभी हमारे बीच है, लेकिन हम इस महामारी की शुरुआत की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में हैं। जिन देशों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी है उन्हें शीघ्रता से कोविड की रोकथाम को लेकर टेस्टिंग और बचाव के उपाय करते रहने चाहिए।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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