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World Physiotherapy Day 2025: फिजियोथेरेपी से जुड़े इन मिथकों को कहीं आप भी तो नहीं मानते हैं सच, जानें हकीकत

Mon, 08 Sep 2025 02:46 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिखर बरनवाल Updated Mon, 08 Sep 2025 02:46 PM IST
सार

  • आज विश्व फिजियोथेरेपी दिवस है, और वर्तमान में मेडिकल साइंस की दुनिया में फिजियोथेरेपी का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
  • आज के समय में कई बड़ी-बड़ी समस्याएं सिर्फ फिजियोथेरेपी से ठीक हो जा रही हैं। लेकिन फिजियोथेरेपी को लेकर हमारे समाज में कई मिथक भी हैं, आइए आज विशेषज्ञ से उसकी सच्चाई जानते हैं।

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World Physiotherapy Day 2025 myths related to physiotherapy know truth to experts
फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock

Myths And Facts About Physiotherapy: हर साल 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को फिजियोथेरेपी के महत्व के बारे में जागरूक करना है। अक्सर हम मानते हैं कि फिजियोथेरेपी सिर्फ गंभीर चोट लगने के बाद या बुढ़ापे में ही जरूरी होती है। लेकिन, यह एक गलत धारणा है। फिजियोथेरेपी सिर्फ इलाज का ही हिस्सा नहीं है, बल्कि यह चोटों से बचाव, शारीरिक फिटनेस और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। फिर भी समाज में इसके बारे में कई मिथक यानी गलतफहमियां फैली हुई हैं।



इन मिथकों के कारण लोग अक्सर सही समय पर फिजियोथेरेपी नहीं ले पाते हैं, जिससे उनकी समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम इन मिथकों को तोड़ें और फिजियोथेरेपी के फायदों को समझें। इसलिए आइए विशेषज्ञ से समझते हैं कि फिजियोथेरेपी से जुड़े ऐसे कौन-से मिथक हैं जिन्हें लोग अक्सर सच मान लेते हैं।

World Physiotherapy Day 2025 myths related to physiotherapy know truth to experts
फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock
मिथक 1: फिजियोथेरेपी दर्दनाक होती है
अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ जोहैब काजी ने बताया है कि बहुत से लोगों को लगता है कि फिजियोथेरेपी करने में बहुत दर्द और तकलीफ होती है और यह सबसे आम मिथकों में से एक है। हकीकत में फिजियोथेरेपी का मकसद दर्द को कम करना होता है, न कि उसे बढ़ाना।

फिजियोथेरेपिस्ट आपके दर्द को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग करते हैं, जैसे कि मालिश, स्ट्रेचिंग और हीट थेरेपी। यदि मरीज को कोई गतिविधि असहज लगती है, तो वे मरीज की सहनशीलता के अनुसार फिजियोथेरेपी करते हैं।

 
World Physiotherapy Day 2025 myths related to physiotherapy know truth to experts
फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock
मिथक 2: यह केवल चोटों के लिए है
डॉ जोहैब काजी ने ये भी बताया कि बहुत से लोग सोचते हैं कि फिजियोथेरेपी केवल खेल की चोटों या दुर्घटनाओं से उबरने के लिए है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। फिजियोथेरेपी कई अन्य स्थितियों में भी मदद करती है, जैसे पीठ का दर्द, गर्दन का दर्द, गठिया और पार्किंसंस रोग जैसी तंत्रिका संबंधी बीमारियां। यह उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो अपनी मांसपेशियों की ताकत और लचीलेपन में सुधार करना चाहते हैं।

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फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock
मिथक 3: फिजियोथेरेपी डॉक्टर के परामर्श के बराबर नहीं है
इस मिथक को समझने के लिए हमने कानपुर के एक निजी अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ मानवेंद्र बरनवाल से बात की। उन्होंने बताया कि कुछ लोग मानते हैं कि फिजियोथेरेपी डॉक्टर के परामर्श का विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक अलग उपचार है। सच्चाई यह है कि फिजियोथेरेपी और चिकित्सा उपचार एक-दूसरे के पूरक हैं।

एक फिजियोथेरेपिस्ट आपके डॉक्टर के साथ मिलकर काम करता है, ताकि आपके इलाज की एक संपूर्ण योजना बनाई जा सके। कई मामलों में फिजियोथेरेपी सर्जरी की जरूरत को भी टाल सकती है।

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फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock
मिथक 4: फिजियोथेरेपी सिर्फ बुजुर्गों के लिए है
डॉक्टर बरनवाल ने बताया कि बहुत से लोगों के मन में यह धारणा रहती है कि फिजियोथेरेपी सिर्फ बुजुर्गों के लिए है। उन्होंने इस मिथक का खंडन करते हुए कहा कि, सच्चाई यह है कि बुजुर्गों को अक्सर गतिशीलता और संतुलन से जुड़ी समस्याओं के लिए इसकी जरूरत होती है, लेकिन फिजियोथेरेपी सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है।

उदाहरण के लिए, फिजियोथेरेपी छोटे बच्चों में विकास संबंधी समस्याओं में मदद कर सकती है, किशोरों को खेल से जुड़ी चोटों से उबरने में, और वयस्कों को पोस्चर और पीठ दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होती है।
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