जो लोग घर में धुम्रपान करते हैं उनके बच्चे ना चाहते हुए भी धुम्रपान के शिकार हो जाते हैं। पैसिव स्मोकिंग या सेकेंड हैंड स्मोकिंग भी उतना ही नुकसानदायक है जितना नुकसान धुम्रपान करने वाले को होती है। बच्चे में यह समस्या गंभीर इस वजह से हो जाती है क्योंकि वह बड़े हो रहे होते हैं और उनके सांस लेने की गति भी व्यस्कों से ज्यादा होती है।
World No Tobacco Day 2019: घर में स्मोकिंग करते हैं तो हो जाएं सावधान, बच्चों पर पड़ता है बुरा असर
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Fri, 31 May 2019 09:24 AM IST
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