Male Depression Symptoms: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्तूबर को मनाया जाता है, इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों के बीच में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। समाज में पुरुषों को अक्सर एक ऐसे 'मजबूत' स्तंभ के रूप में देखा जाता है जो हर मुश्किल का सामना बिना किसी भावना को प्रकट किए कर सकता है। इसी सोच के चलते जब वे मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार होते हैं, तो वे अपनी भावनाओं और लक्षणों को छिपाने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह छिपाना उनके लिए और भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे समस्या की गंभीरता बढ़ती जाती है और सही समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है।
Depression In Men: 'मजबूत' दिखने के दबाव में पुरुष कैसे छुपाते हैं अपने डिप्रेशन के लक्षण? विशेषज्ञ से जानें
हमारे समाज में एक बहुत पुरानी धारणा है कि 'मर्द को दर्द नहीं होता है'। यही वजह है कि बहुत से पुरुष अपनी समस्याओं को कहने से बचते हैं, और कई बार ये डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि ये पुरुष डिप्रेशन लक्षण कैसे छुपाते हैं।
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इंसोम्निया और नशे की लत
डॉ. मित्तल के अनुसार डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों में सबसे आम समस्याओं में से एक है अनिद्रा (इंसोम्निया)। उन्हें रात में सोने में बहुत दिक्कत होती है, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। नींद की कमी से डिप्रेशन के लक्षण और भी गंभीर हो सकते हैं।
इसके अलावा ऐसे लोग अपनी भावनाओं से बचने के लिए अक्सर शराब या सिगरेट जैसे नशे की लत में पड़ जाते हैं। यह उन्हें कुछ समय के लिए राहत तो दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह उनकी समस्या को और बढ़ा देता है और उनके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है।
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वर्क प्लेस पर प्रदर्शन में गिरावट
जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो इसका असर उसके काम पर भी पड़ता है। डॉ. मित्तल बताते हैं कि डिप्रेशन के कारण व्यक्ति की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता (अटेंशन स्पैन) खराब होने लगती है, जिससे वे अपने काम पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते।
इस वजह से उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है और वे कार्यस्थल पर अपने लक्ष्य पूरे नहीं कर पाते। यह उनके आत्मविश्वास को और भी कम कर सकता है और उन्हें एक निराशा के साइकिल में फंसा सकता है।
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छिपी हुई उदासी और भविष्य का डर
डॉ. मित्तल बताते हैं कि अगर आप किसी व्यक्ति से लंबे समय तक बात करते हैं, तो आप यह समझ सकते हैं कि वह डिप्रेशन में है। ऐसे लोग अक्सर अपनी पिछली गलतियों पर पछतावा करते हैं और अपने भविष्य को लेकर डरे रहते हैं।
वे बार-बार पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हैं और यह महसूस करते हैं कि वे असफल हो गए हैं। कुछ गंभीर मामलों में यह निराशा इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचाने या आत्महत्या करने के बारे में भी सोचने लगता है। यह एक बहुत ही गंभीर लक्षण है, जिसे तुरंत पहचानना और उस पर ध्यान देना जरूरी है।
ऑफिस कलीग को कैसे पहचानें?
अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि अगर हमारा ऑफिस कलीग डिप्रेशन में हो तो उसे कैसे पहचानेंगे? डॉ. आशीष मित्तल के अनुसार अगर आप किसी व्यक्ति से महीने में एक या दो बार मिलते हैं तो वह आसानी से अपने डिप्रेशन के लक्षणों को छिपा सकता है। लेकिन अगर आप उनके साथ थोड़ा समय बिताते हैं तो लक्षणों को छिपाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे लोगों को कुछ खास तरीकों से पहचाना जा सकता है।