हृदय रोगों का खतरा समय के साथ न सिर्फ काफी तेजी से बढ़ा है, साथ ही अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोग वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। जिस तरह से हमारी लाइफस्टाइल और आहार बिगड़ती जा रही है, उसने हृदय स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। दिल की सेहत को ठीक रखना चाहते हैं तो जरूरी है कि दिनचर्या को ठीक रखा जाए।
World Heart Day 2023: हार्वर्ड विशेषज्ञों ने बताया- दिल की सेहत को रखना है ठीक तो तुरंत छोड़ दें ये आदतें
अध्ययन में क्या पता चला?
हार्वर्ड विशेषज्ञ कहते हैं, जीवनशैली में बेहतर विकल्प चुनने से न सिर्फ हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है साथ ही ये आपको दीर्घायु बनाने में भी मददगार है। महिलाओं में हृदय रोगों के जोखिमों को लेकर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि स्वस्थ वजन और धूम्रपान न करने वाली महिलाएं, जो नियमित रूप से व्यायाम करती थी और स्वस्थ आहार लेती थीं उनमें दिल का दौरा पड़ने या हृदय रोग से मरने का खतरा 83% कम देखा गया। पुरुषों में इसी तरह के अध्ययन में परिणाम लगभग समान थे।
आइए जानते हैं किन आदतों को हृदय की सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है?
तम्बाकू उत्पादों से बचें
हार्वर्ड विशेषज्ञों ने बताया सिगरेट, सिगार और तंबाकू उत्पादों का सेवन, विशेषकर इससे निकलने वाला धुआं हृदय और धमनियों के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया धूम्रपान की आदत को छोड़कर आप हृदय और फेफड़े दोनों की सेहत में सुधार कर सकते हैं। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने से भी हृदय की सेहत में सुधार किया जा सकता है।
सेकेंडहैंड स्मोकिंग भी हानिकारक है इससे भी बचाव किया जाना चाहिए।
शारीरिक निष्क्रियता हानिकारक
व्यायाम और शारीरिक गतिविधि हृदय रोग और कई अन्य क्रोनिक बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा दे सकती है, आप जितना अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं, क्रोनिक बीमारियों का खतरा उतना ही कम होता है। दिन में कम से कम 30 मिनट व्यायाम का लक्ष्य बनाना आपके लिए लाभकारी है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि शारीरिक निष्क्रियता वाले लोगों में हृदय रोगों के विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
वजन को कंट्रोल में रखना जरूरी
शरीर का अतिरिक्त वजन, विशेषकर पेट के आसपास जमा चर्बी आपके हृदय पर दबाव डालती है और मधुमेह-हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। यदि आपका वजन अधिक है, तो केवल 5 से 10 फीसदी तक भी इसे कम करने से आपके रक्तचाप और रक्त शर्करा में बड़ा अंतर आ सकता है। ये दोनों स्थितियां हृदय की सेहत में भी सुधार करती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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