शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक और स्वस्थ आहार का सेवन जरूरी है, इससे भी जरूरी है कि आप अच्छी गुणवत्ता वाली चीजों का सेवन करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से खाने पीने की चीजों में मिलावट बढ़ता जा रहा है, कई प्रकार के रसायनों और प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता रहा है, इससे सेहत को कई प्रकार से गंभीर नुकसान हो सकता है।
World Food Safety Day: आप भी तो नहीं खा रहे 'जहरीला' आम? थोड़ी सी लापरवाही बढ़ा सकती है किडनी फेलियर का खतरा
फलों को पकाने के लिए हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल
आम वैसे तो हमारी सेहत के लिए बहुत लाभप्रद फलों में से एक है। ये विटामिन-ए और सी के साथ फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। पर आम खाने के दौरान बरती गई छोटी सी लापरवाही से कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और पॉइजनिंग तक का खतरा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आम और कई अन्य फलों को पकाने के लिए अप्राकृतिक तरीकों को प्रयोग में लाया जाता है। इसके लिए कैल्शियम कार्बाइड (CaC2) नामक रसायन का इस्तेमाल होता है। कैल्शियम कार्बाइड को मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।
कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल
आम, केला, पपीता जैसे फलों को समय से पहले पकाने और बाजार में उपलब्ध कराने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल होता रहा है। अध्ययनकर्ता बताते हैं, शरीर में अगर लंबे समय तक इसकी थोड़ी मात्रा भी जाती रहती है तो ये किडनी-लिवर जैसे अंगों के लिए गंभीर समस्या बढ़ाने वाली हो सकती है।
कैल्शियम कार्बाइड को जब पानी में मिलाया जाता है तो इससे एसिटिलीन गैस निकलती है। एसिटिलीन गैस ही फलों को पकाने का काम करती है। अध्ययनों में पाया गया है कि कैल्शियम कार्बाइड और एसिटिलीन गैस दोनों से कई स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
क्या कहती हैं आहार विशेषज्ञ?
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आहार विशेषज्ञ ऋचा सिंह लिखती हैं, कैल्शियम कार्बाइड से पके फलों को अगर आप बिना अच्छी तरह से धोए खाते हैं तो इससे विषाक्तता होने का खतरा रहता है। ये मनुष्यों के लिए जहरीले हो सकते हैं। शरीर में इसकी अधिकता त्वचा की गंभीर समस्याओं के साथ पॉइजनिंग और किडनी फेलियर तक का जोखिम बढ़ाने वाली हो सकती है।
फल उत्पादन उद्योग में काम करने वाले श्रमिक जो कैल्शियम कार्बाइड के अत्यधिक संपर्क में रहते हैं, उनमें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक रहता है। इसके कारण पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होना), कार्डियक अरेस्ट, कोलन और प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम हो सकता है।
ये सावधानियां बरतनी जरूरी
आहार विशेषज्ञ कहती हैं, फलों-सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक रसायनों से बचे रहने के लिए जरूरी है कि इनके सेवन से पहले उसे कम से कम आधे घंटे पानी में भिगाकर रखें और अच्छे तरीके से पानी से साफ करके ही इसका सेवन करें। आर्गेनिक चीजों का सेवन करें। बेमौसम मिलने वाली चीजों को अप्राकृतिक तरीकों से तैयार किया या पकाया जाता है, ऐसी चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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