हृदय रोगों के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कम उम्र वालों को भी इसका शिकार देखा जा रहा है। डॉक्टर कहते हैं, दिल की बीमारियों से बचे रहने के नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए।
Triglycerides: ब्लड टेस्ट में आया है हाई ट्राइग्लिसराइड्स? तुरंत शुरू कर दें ये उपाय
अगर आपकी ब्लड रिपोर्ट में भी ट्राइग्लिसराइड्स बढ़े हुए आए हैं, तो घबराने की बजाय यह समझना जरूरी है कि इसके पीछे की वजह क्या है और इसे कम करने के लिए कौन-से तरीके अपनाए जा सकते हैं?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्राइग्लिसराइड्स होता क्या है?
ट्राइग्लिसराइड्स शरीर में मौजूद एक प्रकार का फैट है, जो भोजन से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी को ऊर्जा के रूप में भविष्य के लिए जमा करता है।
- सामान्य मात्रा में यह शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन जब इसका स्तर लगातार बढ़ा रहता है तो यह धमनियों में चर्बी फैट होने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
- इससे हृदय रोग, स्ट्रोक और कुछ मामलों में पैंक्रियाटाइटिस का खतरा भी बढ़ जाता है।
कई मामलों में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन कंट्रोल रखने जैसे उपाय से भी ट्राइग्लिसराइड्स को कम किया जा सकता है। हालांकि यदि ये लगातार बहुत अधिक रहता है तो इसका इलाज जरूरी हो जाता है।
ट्राइग्लिसराइड बढ़ जाए तो क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, हाई डायबिटीज, अत्यधिक शराब पीने और धूम्रपान से भी इसका खतरा बढ़ जाता है। अगर आपका ट्राइग्लिसराइड्स लेवल भी हाई आया है तो तुरंत खान-पान में सुधार कर लें।
- ट्राइग्लिसराइड्स कंट्रोल करने के लिए मीठे पेय-मिठाइयां, सफेद ब्रेड, मैदा और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
- भोजन में साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल, नट्स और फाइबर से भरपूर चीजें शामिल करें।
- तले हुए भोजन और ट्रांस फैट कम से कम खाएं।
- ओमेगा-3 से भरपूर चीजें जैसे मछलियां, अलसी और अखरोट भी फायदेमंद हो सकता है।
जरूर करें व्यायाम
नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को घटाने में मदद करती है।
- सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम, तेज चलने-साइकिलिंग जैसे उपाय भी लाभकारी हो सकते हैं।
- यदि वजन अधिक है, तो 5-10% वजन कम करने से भी ट्राइग्लिसराइड्स और ब्लड प्रेशर की स्थिति में सुधार हो सकता है।
किन लोगों को रहना चाहिए अलर्ट?
डॉक्टर कहते हैं, कुछ लोगों में ट्राइग्लिसराइड्स और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा अधिक होता है।
- डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर के शिकार लोगों का सावधान रहना चाहिए।
- धूम्रपान या अधिक वजन वाले लोगों को समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल कराना चाहिए।
- 20 वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ वयस्कों को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच करानी चाहिए।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।