क्या आप भी मीठी चीजें ज्यादा खाते हैं? इससे सिर्फ ब्लड शुगर, कैलोरी, मोटापा और मेटाबॉलिज्म की समस्या नहीं होती, ये आपके दांतों के लिए भी बहुत नुकसानदायक हो सकती है। ज्यादा मीठी चीजें, जैसे मिठाई, टॉफी, कुकीज और चॉकलेट दांतों में चिपककर सड़न पैदा करने लगती हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि दांत पत्थर की तरह मजबूत होते हैं, फिर इनमें सड़न कैसे होने लग जाती है?
Tooth Decay: पत्थर जैसे मजबूत होते हैं दांत, फिर क्यों इनमें होने लगती है सड़न?
दांतों की सड़न का सबसे बड़ा कारण अत्यधिक चीनी का सेवन माना जाता है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार बार-बार मीठा खाने वाले लोगों में कैविटी का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा भी कई कारण हैं जिनपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
दांतों में सड़न की समस्या
दंत रोग विशेषज्ञ कहते हैं, भले ही दांत देखने में पत्थर जैसे लगते हैं, पर असल में ये किसी पत्थर के नहीं बने होते। ये इनेमल, डेंटिन, पल्प और सीमेंटम से मिलकर बनते हैं।
- दांतों के ऊपर एक मजबूत परत होती है जिसे इनेमल कहा जाता है। यह काफी कठोर होती है, लेकिन इसके बावजूद कुछ आदतें और खान-पान इसे नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- जब हम बार-बार मीठी चीजें खाते हैं, कोल्ड ड्रिंक पीते हैं या दांतों की सफाई में लापरवाही करते हैं, तब मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इन खाद्य पदार्थों से एसिड बनाते हैं।
- यही एसिड धीरे-धीरे दांतों की सुरक्षात्मक परत को घिसने लगता है और सड़न हो सकती है।
सिर्फ खान-पान ही नहीं कुछ अन्य आदतें भी दांतों में सड़न बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
1. ज्यादा मीठी चीजें तो नहीं खाते आप?
अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार बार-बार मीठा खाने वाले लोगों में कैविटी का खतरा काफी बढ़ जाता है। दांतों की सड़न का सबसे बड़ा कारण चीनी वाली चीजें ज्यादा खाना है।
- जब हम चॉकलेट, टॉफी, बिस्कुट, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजें खाते हैं, तो इसके कुछ सूक्ष्म हिस्से दांतों में चिपक जाते हैं।
- मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इन शर्कराओं को तोड़कर एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों के इनैमल पर हमला करता है और धीरे-धीरे उसे कमजोर करने लगता है।
- बच्चों और किशोरों में कैविटी का सबसे बड़ा कारण यही है।
मुंह की साफ-सफाई न करने से बढ़ जाती है दिक्कत
दांतों में सड़न का एक बड़ा कारण मुंह की अच्छे से साफ-सफाई न करना भी है। डॉक्टर सभी लोगों को दिन में दो बार ब्रश करने की सलाह देते हैं।
- खाना खाने के बाद जब भोजन के कण दांतों के बीच फंस जाते हैं, तो उन पर बैक्टीरिया जमा होकर प्लाक बनाने लगते हैं।
- प्लाक एक चिपचिपी परत होती है जो दांतों पर लगातार बनी रहती है।
- यदि प्लाक को नियमित ब्रशिंग और फ्लॉसिंग से नहीं हटाया जाए तो यह बैक्टीरिया के लिए सुरक्षित घर बन जाता है। ये बैक्टीरिया एसिड बनाकर दांतों के इनैमल को नुकसान पहुंचाते हैं।
- अध्ययन बताते हैं कि जो लोग रात में ब्रश नहीं करते, उनमें कैविटी और मसूड़ों की बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना
बहुत से लोग दिनभर कुछ न कुछ खाते रहते हैं। हर बार जब आप कुछ खाते या पीते हैं, तो मुंह में बैक्टीरिया सक्रिय होकर एसिड बनाना शुरू कर देते हैं।
- सामान्यतः लार इस एसिड को निष्क्रिय कर देती है, लेकिन बार-बार खाने से लार को अपना काम करने का पर्याप्त समय नहीं मिलता।
- दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मीठे या स्टार्च वाले खाद्य पदार्थ खाते रहने से इनैमल डैमेज होने और सड़न बढ़ने का खतरा रहता है।