Infertility in Women Causes: आज की बदलती जीवनशैली में इनफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो सिर्फ पुरुषों को ही नहीं, महिलाओं को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित कर रही है। भारत में इनफर्टिलिटी की समस्या लगातार बढ़ रही है और यह अब आंकड़ों में भी साफ दिख रहा है। एक शोध पत्र के अनुसार, भारत में इनफर्टिलिटी की दर 1992-93 में 22.4% थी, जो 2005-06 में बढ़कर 25.3% हो गई। इसके बाद, 2015-16 में यह दर 30.7% तक पहुंच गई, जो इस बात का संकेत है कि समस्या में लगातार वृद्धि हो रही है। यह एक ऐसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गई है जिस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इसी सिलसिले में हमने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में गायनाकॉलाजिस्ट और आईवीएफ एक्सपर्ट, डॉक्टर शोभा गुप्ता से इस विषय पर खास बातचीत की।
Infertility: महिलाओं में क्यों बढ़ती जा रही है इनफर्टिलिटी की समस्या? डॉक्टर ने दिए चार सुझाव
बहुत से ऐसे लोग हैं जो इनफर्टिलिटी की वजह से बच्चे नहीं कर पाते हैं। अगर महिलाओं में इनफर्टिलिटी की बात कि जाए तो इसके मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आइए इस लेख में डॉक्टर से इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कारण 2: बदलती जीवनशैली और नाइट कल्चर
डॉक्टर गुप्ता बताती हैं कि नाइट कल्चर का बढ़ना, जिसमें देर रात तक जागना और अनियमित खान-पान शामिल है, हमारे शरीर की जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) को बिगाड़ रहा है। पिछले 15 वर्षों में हमारी जीवनशैली में कई बड़े बदलाव आए हैं, जो प्रजनन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, स्लीप साइकिल का खराब होना भी एक बड़ा कारण है, क्योंकि इससे पर्याप्त और अच्छी नींद नहीं मिलती है, जिससे शरीर का हार्मोनल संतुलन प्रभावित होता है।
कारण 3: हानिकारक लत
डॉक्टर के अनुसार अल्कोहल, ड्रग एडिक्शन और स्मोकिंग जैसी हानिकारक लत भी महिलाओं में इनफर्टिलिटी को बढ़ा रही हैं। ये आदतें शरीर में विषैले पदार्थ जमा करती हैं, जो प्रजनन अंगों और हार्मोनल संतुलन को नुकसान पहुंचाते हैं। यह सिर्फ एग की क्वालिटी को ही नहीं, बल्कि पूरे प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। अब आइए कुछ सुझाव के बारे में जानते हैं जिसका पालन हर महिला करना चाहिए।
पहला सुझाव: डाइट में सुधार
इस समस्या से बचने के लिए, डॉक्टर शोभा गुप्ता का पहला और सबसे महत्वपूर्ण सुझाव है कि अपनी डाइट को अच्छा रखें। आहार में एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सी से भरपूर चीजों को शामिल करें। ये पोषक तत्व एग की क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके लिए ताजे और मौसमी फल, सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।
दूसरा सुझाव: पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी
एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है। डॉक्टर गुप्ता के अनुसार, हर महिला को 7-8 घंटे की गहरी और पूरी नींद लेनी चाहिए। इसके साथ ही, तनाव से दूर रहना भी बहुत जरूरी है। तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ता है, जो इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। योग, मेडिटेशन और हॉबी को समय देना तनाव को कम करने में मदद करता है।
तीसरा सुझाव: हानिकारक लत से बचें
डॉक्टर गुप्ता विशेष रूप से अल्कोहल, ड्रग्स और स्मोकिंग जैसी आदतों से दूर रहने की सलाह देती हैं। ये हानिकारक लत शरीर में विषैले पदार्थ जमा करती हैं, जो प्रजनन अंगों और हार्मोनल संतुलन को नुकसान पहुंचाते हैं। ये आदतें सिर्फ एग की क्वालिटी को ही नहीं, बल्कि पूरे प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।