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Antibiotics: क्या बुखार होने पर एंटीबायोटिक दवा ले सकते हैं? जरूर जान लें डॉक्टर की ये सलाह

Thu, 20 Aug 2026 05:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 20 Aug 2026 05:57 PM IST
सार

एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं हैं जिनका इस्तेमाल बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है। सर्दी-जुकाम, फ्लू  जैसे श्वसन संक्रमण वायरस के कारण होते हैं। ऐसे मामलों में एंटीबायोटिक लेने से वायरस खत्म नहीं होता।

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बुखार में कौन सी दवाएं लें? - फोटो : Freepik.com

मौसम बदलने के साथ सर्दी-जुकाम और बुखार होना काफी आम है। आमतौर पर वायरल बुखार 3-5 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि कुछ लोगों में वायरल संक्रमण कई अन्य तरह की जटिलताओं का कारण बन सकता है। बुखार होने पर अक्सर लोग पास के मेडिकल स्टोर से लाकर दवा ले लेते हैं, कई बार इन दवाओं में दुकानदार एंटीबायोटिक दवा भी दे देता है। इतना ही नहीं कई लोग ये भी मानते हैं कि बुखार-खांसी होते ही एंटीबायोटिक लेने से समस्या ठीक हो जाती है। पर क्या वास्तव में ऐसा है, क्या हर बार बुखार-जुकाम होने पर एंटीबायोटिक दवा लेना ठीक है?



दुनियाभर में बढ़ते एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के खतरे को देखते हुए पहले से ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन दवाओं का सावधानी से इस्तेमाल करने की सलाह देते रहे हैं। ऐसे में हर बार बुखार होने पर इसे लेना कितना सही है, आइए इस बारे में डॉक्टर से विस्तार से जान लेते हैं?

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दवाओं के इस्तेमाल को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com

केवल बैक्टीरियल संक्रमणों के लिए होता है एंटीबायोटिक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बुखार होना कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर का एक लक्षण है। वायरल-बैक्टीरियल संक्रमण और कई दूसरी वजहों से आपको बुखार हो सकता है। 
 

  • जहां तक बात एंटीबायोटिक दवाओं की है तो ये केवल बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज में उपयोगी होती हैं, लेकिन वायरस पर इनका असर नहीं होता।
  • सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसे वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक काम नहीं करतीं है, ऐसे में इन्हें इस्तेमाल में लाने का कोई फायदा नहीं होता।
  • इतना ही नहीं एंटीबायोटिक का बार-बार सेवन आपके लिए बड़ी मुसीबतों का कारण जरूर बन सकता है।
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वायरल संक्रमण और बुखार की समस्या - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉक्टर कहते हैं, सिर्फ बुखार होने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में बैक्टीरियल संक्रमण है। इसलिए शरीर का तापमान बढ़ने पर खुद से एंटीबायोटिक शुरू करना सही नहीं है। 
 

  • डॉक्टर बीमारी के लक्षण और कारण की जांच करके और मरीज की स्थिति देखकर तय करते हैं कि बैक्टीरियल संक्रमण है या नहीं। एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल केवल बैक्टीरियल संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है। 
  • सर्दी-जुकाम, फ्लू और कई सामान्य श्वसन संक्रमण वायरस के कारण होते हैं। ऐसे मामलों में एंटीबायोटिक लेने से वायरस खत्म नहीं होता। 
  • सामान्य सर्दी, फ्लू और कोविड जैसे वायरल संक्रमणों में भी एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। 
  • इसलिए अगर आपकी बुखार के साथ नाक बह रही है, खांसी है या शरीर में दर्द है तो सिर्फ इन लक्षणों के आधार पर एंटीबायोटिक लेना उचित नहीं है।
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एंटीबायोटिक दवा कब लेनी चाहिए - फोटो : Adobe Stock Images

कब एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ सकती है?

डॉक्टर कहते हैं, कुछ बैक्टीरियल गले के संक्रमण,  खांसी या कुछ अन्य बैक्टीरियल संक्रमणों में एंटीबायोटिक उपयोगी हो सकता है। लेकिन हर गले के दर्द या हर खांसी में इसकी जरूरत नहीं होती।
 

  • इसके अलावा घर में पिछली बीमारी की बची हुई एंटीबायोटिक देखकर उसे अगली बार बुखार में इस्तेमाल करना भी सही नहीं है। 
  • हो सकता है पिछली बीमारी का कारण बैक्टीरिया रहा हो और इस बार वायरस हो। यह भी संभव है कि इस बार किसी दूसरी दवा की जरूरत हो। 
  • गलत दवा लेने से बीमारी का सही इलाज देर से हो पाता है। इसके अलावा एंटीबायोटिक के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को लेकर विशेषज्ञ पहले से चिंता जताते रहे हैं। 
  • एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस यानी रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया का दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाना। जब जरूरत के बिना या गलत तरीके से एंटीबायोटिक का इस्तेमाल किया जाता है, तो इसके कारण भविष्य में कुछ संक्रमणों का इलाज मुश्किल हो सकता है।
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बुखार होने पर क्या करें? - फोटो : Amarujala.com/AI

फिर बुखार होने पर क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं, सामान्य वायरल संक्रमण के कारण होने वाला बुखार अपने आप ही ठीक हो जाता है।
 

  • बुखार के दौरान शरीर को आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ की जरूरत हो सकती है। फ्लू जैसी वायरल बीमारी में इससे आराम मिल सकता है। 
  • बुखार होने पर हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर पैरासीटामोल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कुछ वायरल संक्रमणों में जोखिम वाले लोगों के लिए डॉक्टर एंटीवायरल दवा की सलाह दे सकते हैं।
  • बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी, बेहोशी, लगातार उल्टी जैसी दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।





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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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