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रोचक: इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर, अध्ययन में हुआ खुलासा

Tue, 31 Aug 2021 05:56 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 31 Aug 2021 05:56 PM IST
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मच्छरों के काटने का कारण (प्रतीकात्मक) - फोटो : Pixabay

मानसून का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है। डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और मौजूदा समय में देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रहे जीका वायरस के मामले भी इन्हीं मच्छरों जनित होते हैं। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि उन्हें मच्छर ज्यादा काटते हैं, पर क्या वास्तव में मच्छरों के काटने का कोई पैमाना हो सकता है? क्या यह संभव है कि मच्छर कुछ लोगों को ज्यादा काटें और कुछ लोगों को कम? बिल्कुल, कई अध्ययन इस बात का समर्थन करते हैं, अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि हमारी त्वचा की कुछ चीजें मच्छरों को काटने के लिए अधिक आकर्षित कर सकती हैं।


साल 2014 में 'टाइम' में प्रकाशित एक लेख में फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के चिकित्सा कीटविज्ञानी और मच्छर विशेषज्ञ डॉ जोनाथन डे ने कुछ लोगों को मच्छरों के ज्यादा काटने का कारण बताया। आइए आगे की स्लाइडों में इस रोचक विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं। इसके साथ ही यह भी जानेंगे कि हमारे शरीर की किन चीजों के प्रति मच्छर अधिक आकर्षित होते हैं?

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मच्छर और ब्लड ग्रुप का संबंध - फोटो : Social media

त्वचा के रसायनों से आकर्षित होते हैं मच्छर
टाइम पत्रिका में प्रकाशित लेख में डॉ जोनाथन कहते हैं, हमारी त्वचा से प्राकृतिक रूप से कई प्रकार के रसायनों का उत्पादन होता रहता है। उनमें से विशेष रूप से जिन लोगों की त्वचा से लैक्टिक एसिड का उत्पादन अधिक होता है, माना जाता है कि ऐसे लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं। लैक्टिक एसिड से मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं। इसके अलावा कई और चीजें हैं जिनसे मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं, उनमें से एक है आपका खास ब्लड ग्रुप।

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मच्छरों के काटने के विशेष कारण - फोटो : file photo

ब्लड ग्रुप और मच्छरों के काटने का संबंध
अध्ययन में ब्लड ग्रुप और मच्छरों के काटने के संबंध मे बारे में भी विस्तार से बताया गया है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि कई प्रमाण ऐसे मिले हैं कि अन्य ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में 'ओ ब्लड ग्रुप' वाले लोगों के प्रति मच्छर अधिक आकर्षित होते हैं। एंटोमोलॉजिस्ट डॉ जोनाथन कहते हैं, मच्छर, कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके काटने वाले लक्ष्य की पहचान करते हैं। अब चूंकि सभी कशेरुकी कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन करते हैं, ऐसे में मच्छरों के लिए इससे उचित और क्या हो सकता है?

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त्वचा के रसायनों से आकर्षित होते हैं मच्छर - फोटो : social media

गर्भवती महिलाओं को भी ज्यादा काटते हैं मच्छर
इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं और अधिक वजन वाले लोगों में मेटाबॉलिक रेट भी अधिक होता है, जो उन्हें मच्छरों के लिए अधिक आकर्षक बना सकती है। इसके अलावा गहरे रंग के कपड़े पहनना भी एक कारक हो सकता है, यह मादा मच्छरों को आकर्षित करते हैं। इस अध्ययन और बताए गए कारकों के बारे में तमाम स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है, मच्छरों के काटने से सुरक्षित रहने के लिए सभी को यह भी जानना चाहिए कि दूसरे लोगों की तुलना में उनके शरीर में ऐसा क्या है जो मच्छरों को आकर्षित करता हो?

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कुछ लोगों को ज्यादा काटते हैं मच्छर - फोटो : Social media

ये कारक भी हो सकते हैं महत्वपूर्ण
अध्ययन में डॉ जोनाथन ने इंसान के शरीर से संबंधित कुछ और कारकों के बारे में बताया है जिनसे मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं। डॉ जोनाथन बताते हैं, जिनके शरीर का तापमान अधिक होता है उन्हें भी मच्छर अधिक काटते हैं। इसके अलावा, शराब विशेष रूप से बीयर पीने वाले लोगों के पसीने से निकलन वाले रसायनों को मच्छर अधिक पसंद करते हैं। यदि आपको स्वाभाविक रूप से भी पसीना अधिक होता है तो भी मच्छरों के लिए आप पसंदीदा हो सकते हैं।

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नोट: यह लेख साल 2014 में टाइम मैगजीन में छपे अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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