फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सेहत की बात: साइनस को मामूली जुकाम समझना पड़ सकता है भारी, जानिए किन लोगों को ज्यादा खतरा

Tue, 01 Sep 2026 08:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 01 Sep 2026 08:40 AM IST
सार

सर्दी-जुकाम आम समस्या है, लेकिन लंबे समय तक नाक बंद रहना, गाढ़ा बलगम, सिरदर्द और सूंघने की क्षमता कम होना साइनस संक्रमण का संकेत हो सकता है।  एलर्जी, प्रदूषण और नाक की संरचनात्मक समस्याएं इसका जोखिम बढ़ा सकती हैं।

विज्ञापन
Why Does Sinus Infection Happen know Sinus Infection Symptoms and Prevention
साइनस से परेशान - फोटो : freepik.com

सर्दी-जुकाम होना बहुत सामान्य है। ज्यादातर मामलों में यह कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाता है। लेकिन अगर नाक बंद रहने, सिरदर्द, बलगम या चेहरे में भारीपन जैसी दिक्कतें लंबे समय तक बनी रहें, तो इसे सिर्फ सामान्य जुकाम समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार ये साइनस संक्रमण यानी साइनोसाइटिस का संकेत हो सकता हैं।



हमारी खोपड़ी में आंखों के पीछे, माथे, गालों और नाक के आसपास कुछ छोटे-छोटे हवा से भरे स्थान होते हैं, जिन्हें साइनस कहा जाता है। ये सांस लेने और आवाज को सामान्य रखने जैसे कामों में भी भूमिका निभाते हैं। जब इन जगहों की परत में सूजन आ जाती है और वहां तरल या बलगम जमा होने लगता है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

ज्यादातर साइनस संक्रमण वायरस के कारण होते हैं, हालांकि कुछ मामलों में बैक्टीरिया भी इसकी वजह बन सकते हैं। समस्या यह है कि शुरुआत में साइनस के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही लग सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कब इसे सामान्य जुकाम मानकर इंतजार करना ठीक है और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

Why Does Sinus Infection Happen know Sinus Infection Symptoms and Prevention
साइनस की दिक्कत - फोटो : Freepik.com

आखिर साइनस संक्रमण क्यों होता है?

साइनस के अंदर एक पतली परत होती है, जो सामान्य रूप से बलगम बनाती है। यह बलगम छोटे रास्तों से नाक में निकलता रहता है। लेकिन जब सर्दी-जुकाम, एलर्जी या किसी दूसरे कारण से इन रास्तों में सूजन आ जाती है, तो बलगम अंदर फंस सकता है। इससे साइनस में संक्रमण के लिए अनुकूल स्थिति बन जाती है।
 

  • अधिकतर मामलों में वायरस इसकी वजह होते हैं। हालांकि कुछ लोगों में बैक्टीरियल संक्रमण भी हो सकता है।
  • इसके अलावा नाक के अंदर की बनावट में समस्या, जैसे नाक की हड्डी का टेढ़ापन भी साइनस की परेशानी को बढ़ा सकता है। 
Why Does Sinus Infection Happen know Sinus Infection Symptoms and Prevention
साइनस की समस्या - फोटो : Freepik.com

साइनस होने पर कौन से लक्षण दिखते हैं?

साइनस संक्रमण का असर सबसे पहले नाक, सिर और चेहरे के आसपास महसूस हो सकता है। लगातार नाक बंद रहना या उससे गाढ़ा स्राव निकलना आम लक्षण माना जाता है। कई लोगों को बार-बार छींक आती है और नाक के आसपास सूजन या भारीपन महसूस हो सकता है।
 

  • इसके अलावा बलगम आना, सिरदर्द, चेहरे में दबाव या दर्द, सूंघने की क्षमता कम होना और कभी-कभी स्वाद में बदलाव भी देखा जा सकता है।
  • कुछ लोगों को सूखी खांसी और लगातार थकान की शिकायत भी रहती है।
  • अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बढ़ते जाएं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।


साइनस की दिक्कत क्यों बढ़ती है?

जिन लोगों को बार-बार सर्दी-जुकाम या नाक बंद होने की समस्या रहती है, उनमें साइनस की परेशानी का खतरा बढ़ सकता है। अगर नाक के रास्ते किसी कारण से लगातार संकरे या बंद रहते हैं, तो भी खतरा हो सकता है।

हवा में मौजूद धूल, धुआं और प्रदूषण के बारीक कण नाक और सांस की नली में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे सूजन बढ़ सकती है और नाक बंद रहने जैसी समस्या परेशान कर सकती है। जिन लोगों को धूल, फफूंद या किसी खास चीज से एलर्जी है, उनमें साइनस की दिक्कत बार-बार हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Why Does Sinus Infection Happen know Sinus Infection Symptoms and Prevention
साइनस के कारण होेने वाली दिक्कतें और बचाव - फोटो : Freepik.com

साइनस से बचने के लिए क्या करें?

साइनस की समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और धूल-धुएं, फफूंद तथा उन चीजों से बचना जरूरी है, जिनसे आपको एलर्जी होती है।

नाक बंद होने पर कुछ लोगों को गर्म भाप से अस्थायी राहत मिल सकती है, हालांकि बहुत गर्म भाप से जलने का खतरा रहता है। घरेलू उपायों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय लंबे समय तक बने लक्षणों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed