बचपन से ही आपको भी बार-बार दूध पीने के लिए कहा जाता रहा होगा, पर क्या आपने कभी सोचा कि आखिर दूध पीने को लेकर इतनी जबरदस्ती क्यों होती थी? असल में इसका मुख्य कारण है- कैल्शियम। दूध और अन्य डेयरी उत्पादों में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाई जाती है और ये हड्डियों-दांतों को मजबूत बनाने के लिए सबसे आवश्यक है। यही कारण है कि जिन बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है उनमें हड्डियों की कमजोर की समस्या पूरी जिंदगी बनी रहती है।
Calcium Function: हड्डियों-दांतों के अलावा भी शरीर के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी, इन बातों से ज्यादातर लोग अनजान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शरीर के कई कार्यों के लिए जरूरी है कैल्शियम
कैल्शियम हमारे शरीर के कई बुनियादी कार्यों में भूमिका निभाता है। हड्डियों-दांतों के लिए तो यह आवश्यक है ही, साथ ही शरीर में रक्त के संचार को बढ़ाने, मांसपेशियों के कार्यों को ठीक रखने और मस्तिष्क से आपके शरीर के अन्य भागों तक संदेश पहुंचाने में भी यह मदद करता है। यह आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने और इसकी डेंसिटी को भी ठीक रखने के लिए जरूरी है।
जिन लोगों में कैल्शियम की कमी होती है उनके दांत कमजोर होते हैं और आर्थराइटिस जैसी बीमारियों का जोखिम हो सकता है।
हमारा शरीर नहीं बनाता है कैल्शियम।
शरीर के लिए तो कैल्शियम जरूरी है पर हमारा शरीर इसका उत्पादन नहीं करता, इसलिए आपको आवश्यक कैल्शियम प्राप्त करने के लिए आहार पर निर्भर रहना होता है। जिन खाद्य पदार्थों में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है उनमें डेयरी उत्पाद जैसे दूध, पनीर और दही, गहरे हरे रंग की सब्जियां (पालक और ब्रोकली), साबुत अनाज, सोया उत्पाद और संतरे का रस शामिल है।
विटामिन-डी के बिना कैल्शियम का सेवन बेकार
कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए आपके शरीर को विटामिन-डी की आवश्यकता होती है। इसका मतलब है कि यदि आपके शरीर में विटामिन-डी की कमी है तो भले ही आप कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करते हैं पर इससे लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए जरूरी है कि कैल्शियम वाली चीजों के सेवन के साथ आहार में विटामिन-डी की भी मात्रा को जरूर बढ़ाएं।
धूप, आपके लिए विटामिन-डी का सबसे अच्छा स्रोत है।
बहुत अधिक कैल्शियम भी हानिकारक
अब तक आपने जाना कि शरीर के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है पर इसका बहुत अधिक मात्रा में भी सेवन नहीं किया जाना चाहिए। कैल्शियम की अधिकता के भी कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे लोगों में कब्ज, गैस और सूजन जैसे लक्षण हो सकते हैं। अतिरिक्त कैल्शियम से आपको किडनी में पथरी का खतरा भी बढ़ सकता है। दुर्लभ मामलों में, बहुत अधिक कैल्शियम आपके रक्त में जमा होने लग जाता है, इसे हाइपरकैल्सीमिया कहा जाता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।