सर्दियों का ये मौसम सेहत के लिए कई सारी चुनौतियां भी लेकर आता है। कम तापमान वाला ये मौसम ब्लड प्रेशर, शुगर के मरीजों के लिए तो दिक्कतें बढ़ाता ही है साथ ही ये उन लोगों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है जिन्हें पहले से हड्डियों में दर्द या गठिया की दिक्कत रही है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है घुटनों के जाम होने, दर्द और अकड़न की शिकायत भी बढ़ने लग जाती है। तापमान में गिरावट के साथ शरीर की मांसपेशियां और लिगामेंट्स सिकुड़ने लगते हैं, जिससे जोड़ों की मूवमेंट कम हो जाती है और दर्द बढ़ जाता है।
Arthritis: ठंड ने बिगाड़ दी है हालात, बढ़ गया है घुटनों का दर्द? फिजियोथेरेपिस्ट ने बताए इसके असरदार उपाय
फिजियोथेरेपिस्ट बताते हैं, अगर सर्दियों में घुटने जाम हो रहे हैं या पहले की तुलना में दर्द बढ़ गया है तो आप कुछ उपाय अपनाकर राहत पा सकते हैं। आपको लाइफस्टाइल में तुरंत कुछ बदलाव करने की जरूरत है।
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पहले जोड़ों में बढ़ने वाली समस्या का कारण जान लीजिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ठंड के मौसम में शरीर में खून का संचार धीमा हो जाता है। जब जोड़ों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता, तो वहां सूजन और जकड़न महसूस होती है। ठंड बढ़ने पर गठिया के मरीजों में दर्द भी ज्यादा महसूस होती है। इसके अलावा सर्दियों में लोग शारीरिक रूप से भी कम सक्रिय रहते हैं, वॉक-व्यायाम जैसी गतिविधियां भी कम हो जाती हैं, जिससे जोड़ों का लचीलापन कम होता है और दर्द-जकड़न की दिक्कत बढ़ने लगती है।
अब सवाल ये है कि फिर इस तरह की दिक्कतों से बचने के लिए क्या किया जाए?
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ आमिर रिजवी बताते हैं, अगर सर्दियों में घुटने जाम हो रहे हैं या पहले की तुलना में दर्द बढ़ गया है तो आप कुछ उपाय अपनाकर राहत पा सकते हैं। आपको लाइफस्टाइल में तुरंत कुछ बदलाव करने की जरूरत है जिससे खून का संचार ठीक हो सके। वॉकिंग, स्ट्रेचिंग और योग से जोड़ों की मूवमेंट बनी रहती है और जकड़न कम होती है। हालांकि एक्सरसाइज करते समय ज्यादा जोर न डालें।
शरीर और जोड़ों को हमेशा गर्म रखने से खून का संचार ठीक होता है और दर्द में भी आराम मिलता है। तापमान कम होने के कारण मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं जिससे जोड़ों में दर्द बढ़ता है, इसलिए गर्म कपड़े पहनना और सिकाई करना फायदेमंद होता है।
नियमित व्यायाम जरूरी
जोड़ों की समस्याओं को कम करने के लिए नियमित रूप से हल्के स्तर के ही सही, लेकिन व्यायाम करना बहुत जरूरी है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से खून का संचार ठीक रहता है और जोड़ों की गतिशीलता भी बनी रहती है। घर में ही रोज 30-40 मिनट हल्के व्यायाम करें, वॉक करने की आदत बनाएं। इससे आपको काफी आराम मिल सकता है।
इन उपायों से भी कम होती है दर्द की समस्या
- गठिया के मरीजों को आहार में सुधार करने की भी जरूरत होती है। ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम और विटामिन-डी जोड़ों के लिए फायदेमंद होते हैं।
- सर्दियों में धूप में बैठना विटामिन-डी के लिए जरूरी है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं।
- वजन को नियंत्रित रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि ज्यादा वजन घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
अगर दर्द ज्यादा बढ़ जाए या सूजन लगातार बनी रहे तो डॉक्टर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।