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WHO की चेतावनी: आर्टिफिशियल स्वीटनर से हो सकता है कैंसर का खतरा, इन घरेलू उत्पादों में भी इसकी मात्रा

Fri, 14 Jul 2023 12:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 14 Jul 2023 12:28 PM IST
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Who says artificial sweetener Aspartame might be carcinogenic to humans, know why non-sugar sweetener are bad
आर्टिफिशियल स्वीटनर हो सकते हैं हानिकारक - फोटो : Pixabay

आर्टिफिशियल स्वीटनर यानी चीनी के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कृत्रिम मिठास वाली चीजें शरीर के लिए फायदेमंद हैं या हानिकारक, इसपर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इस बीच गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इससे कैंसर होने का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य संगठन ने कहा, नॉन शुगर स्वीटनर 'एस्पार्टेम' संभवत: कार्सिनोजेनिक प्रभावों वाला हो सकता है, जो इंसानों में कैंसर का कारण बन सकता है। गौरतलब है कि एस्पार्टेम, एक कार्बनिक यौगिक है, यह शुगर फ्री वाली चीजों में इस्तेमाल होता आ रहा है।



कैंसर पर शोध करने वाली अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी (आईएआरसी) के साथ मिलकर डब्ल्यूएचओ और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के विशेषज्ञों ने एस्पार्टेम से शरीर पर होने वाले प्रभावों का आकलन किया जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। हालांकि डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इसका कम मात्रा में सेवन सुरक्षित हो सकता है, शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 40 मिलीग्राम की मात्रा से जोखिम नहीं है, पर अधिकता के कारण यह शरीर में कैंसर कारक प्रभावों वाला हो सकता है।

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शुगर फ्री चीजों में हो सकता है एस्पार्टेम - फोटो : istock

घरेलू उत्पाद में होता रहा है इस्तेमाल

डब्ल्यूएचओ ने बताया, एस्पार्टेम कृत्रिम (रासायनिक) स्वीटनर है जिसका उपयोग विभिन्न खाद्य और पेय उत्पादों में किया जाता है, जिसमें डाइट ड्रिंक, च्यूइंग गम, जिलेटिन, आइसक्रीम, डेयरी उत्पाद जैसे दही, टूथपेस्ट और खांसी की दवा और चबाने वाली विटामिन की दवाएं शामिल हैं।

आईएआरसी की मोनोग्राफ प्रोग्राम विशेषज्ञ डॉ मैरी शुबाउर-बेरिगन कहती हैं, मनुष्यों और जानवरों में एस्पार्टेम के कैंसरकारक होने के साक्ष्य सीमित हैं, इसे विस्तृत ढंग से समझने के लिए हमें और अधिक अध्ययन की जरूरत है, पर सीमित साक्ष्य भी विचार करने योग्य हैं।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जताई चिंता - फोटो : Twitter

एस्पार्टेम के कारण लिवर कैंसर का जोखिम

डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, समिति ने पुष्टि की है कि इसका सीमित सेवन किया जा सकता है। चूंकि कैंसर, वैश्विक स्तर पर बढ़ते गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों में से एक है, इसलिए यह आकलन महत्वपूर्ण हो जाता है। एस्पार्टेम को अब तक के अध्ययनों में लिवर कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हुए पाया गया है। इसके अन्य संभावित खतरों के बारे में जानने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

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डीएनए क्षति की समस्या - फोटो : iStock

डीएनए में क्षति के भी मिले हैं साक्ष्य

आर्टिफिशियल शुगर से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों को समझने के लिए किए गए अन्य अध्ययनों में भी जोखिमों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है। जर्नल ऑफ टॉक्सिकोलॉजी एंड एनवायरनमेंटल हेल्थ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने पाया कि इसमें सुक्रालोज 6-एसीटेट नाम का एक रसायन पाया गया है जो संभावित रूप से आपके डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है। ये रसायन "जीनोटॉक्सिक" हो सकता है, जिसका अर्थ है कि यह कोशिकाओं के भीतर जेनेटिक इंफर्मेशन को नुकसान पहुंचाता है।

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आर्टिफिशियल स्वीटनर वाली चीजों का कम करें सेवन - फोटो : iStock

आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी

यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल की शुरुआत, चीनी से शरीर को होने वाले दुष्प्रभावों को कम करने के लिए हुई थी। आर्टिफिशियल स्वीटनर, चीनी जैसा मीठा स्वाद तो देते हैं और इसमें कैलोरी न के बराबर होती है और इससे ब्लड शुगर बढ़ने का भी खतरा नहीं रहता है। हालांकि शोधकर्ता चिंता जताते रहे हैं कि इसमें मौजूद कई तत्व हानिकारक दुष्प्रभावों वाले हो सकते हैं।



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स्रोत और संदर्भ 
Aspartame hazard and risk assessment results released

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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