फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

World Cancer Day 2024: पुरुषों में फेफड़े-महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले सबसे अधिक, WHO ने दी बड़ी चेतावनी

Sat, 03 Feb 2024 04:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 03 Feb 2024 04:51 PM IST
विज्ञापन
WHO latest report on cancer most common cancer in men and women in india
भारत में बढ़ रहा है कैंसर का खतरा - फोटो : istock

भारत में कैंसर का खतरा पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ते देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग हर उम्र के व्यक्तियों में कैंसर का निदान किया जा रहा है। साल 2022 में, भारत में 14.1 लाख से अधिक नए कैंसर मामले सामने आए और इस बीमारी के कारण 9.1 लाख से अधिक मौतें हुईं। देश में स्तन कैंस के केस सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए गए।



विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा बीमारी के वैश्विक जोखिम को लेकर जारी किए गए डेटा में देश में कैंसर के बढ़ते खतरों को लेकर सावधानी बरतते रहने की सलाह दी गई है।

डब्ल्यूएचओ की कैंसर एजेंसी, इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने रिपोर्ट में बताया है कि भारत में साल-दर साल इस रोग का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है, कम उम्र के लोग भी इस रोग के शिकार पाए जा रहे हैं। आनुवांशिकी और पर्यावरणीय कारकों के साथ लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण कैंसर का खतरा और इससे मौत के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
 

WHO latest report on cancer most common cancer in men and women in india
ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ता जोखिम - फोटो : iStock

इन कैंसर के मामले सबसे अधिक

रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों में होंठ, ओरल कैविटी और फेफड़ों के कैंसर के मामले सबसे अधिक देखे जा रहे हैं, वहीं महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर के केस सबसे आम देखे गए हैं। नए कैंसर के मामलों में 27 फीसदी केस स्तन कैंसर जबकि 18 प्रतिशत मामले सर्वाइकल कैंसर के देखे गए हैं।

रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा है कि अगले 5 वर्षों के भीतर और अधिक लोगों में कैंसर का निदान हो सकता है।

WHO latest report on cancer most common cancer in men and women in india
सभी उम्र के लोगों में बढ़ रहा है कैंसर - फोटो : Pixabay

पुरुषों-महिलाओं में कैंसर का जोखिम

वैश्विक स्तर पर, एजेंसी ने 2 करोड़ नए कैंसर मामलों और 97 लाख मौतों का अनुमान लगाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 5 में से 1 व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर हो सकता है और लगभग 9 में से 1 पुरुष और 12 में से 1 महिला की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है।

भारत में, 75 वर्ष की आयु से पहले कैंसर होने का जोखिम 10.6 प्रतिशत आंका गया था, जबकि इसी उम्र तक कैंसर से मरने का जोखिम 7.2 प्रतिशत पाया गया था। वैश्विक स्तर पर ये जोखिम क्रमशः 20 प्रतिशत और 9.6 प्रतिशत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
WHO latest report on cancer most common cancer in men and women in india
पुरुषों में फेफड़ों के कैंसर का जोखिम - फोटो : Pixabay

फेफड़ों के कैंसर से मौत का जोखिम अधिक

कैंसर को लेकर जारी किए गए डेटा के विश्लेषण में पाया गया कि फेफड़े का कैंसर सबसे आमतौर पर होने वाला कैंसर (कुल नए मामलों का 12.4 प्रतिशत) और कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण भी है। ये कुल कैंसर से होने वाली मौतों का लगभग 19 प्रतिशत है। विशेषज्ञों ने कहा, एशिया में तंबाकू का अधिक सेवन के कारण फेफड़ों के कैंसर का जोखिम काफी तेजी से बढ़ा है।

आईएआरसी ने पाया कि वैश्विक स्तर पर महिलाओं में स्तन कैंसर दूसरा सबसे आम तौर पर होने वाला कैंसर है।

विज्ञापन
WHO latest report on cancer most common cancer in men and women in india
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपाय जरूरी - फोटो : Agency (File Photo)

सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते जोखिमों को लेकर अलर्ट

अगस्त 2020 में, विश्व स्वास्थ्यसभा ने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के लिए वैश्विक रणनीति अपनाई थी। शोधकर्ताओं ने कहा, 15 साल की उम्र से पहले लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका लगाने, 35 साल की उम्र तक 70 प्रतिशत महिलाओं की स्क्रीनिंग की मदद से सर्वाइकल कैंसर के जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि लाइफस्टाइल-आहार में सुधार के साथ समय पर लक्षणों की पहचान, स्क्रीनिंग और उपचार के माध्यम से दुनियाभर में कैंसर के बढ़ते खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। यह गंभीर बीमारी है जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed