पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी का जोखिम बना हुआ है। यूके-यूएस सहित कई देशों में नए वैरिएंट्स को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है। इन वैरिएंट्स की संक्रामिकता दर अधिक है, साथ ही इसके अतिरिक्त म्यूटेशंस के कारण उन लोगों में भी संक्रमण का जोखिम बना हुआ है जिनका वैक्सीनेशन हो चुका है या फिर जो पहले के संक्रमण के बाद शरीर में रोग प्रतिरक्षा विकसित कर चुके हैं। कोरोना का जोखिम अभी जारी ही है, इस बीच एक नए महामारी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अलर्ट किया है।
New Pandemic: 'डिजीज-एक्स' के कारण एक नए महामारी का जोखिम, कोरोना से सात गुना गंभीर-घातक हो सकती है स्थिति
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डिजीज एक्स के कारण आ सकती है नई महामारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा, अगली महामारी के लिए जिस बीमारी को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है, वह संभावित तौर पर डिजीज एक्स हो सकती है। इस महामारी का जोखिम अभी भी है जिसका मतलब है कि इसकी शुरुआत हो चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह महामारी कोविड-19 की तुलना में सात गुना अधिक गंभीर और घातक हो सकती है, नतीजतन स्वास्थ्य विभाग पर इसके कारण आने वाले समय में बड़ा दबाव आने का भी खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बेशक, हर किसी में इस रोग का खतरा नहीं माना जा सकता है, पर निश्चित ही यह वैश्विक स्तर पर बड़ी आबादी को प्रभावित करने वाली हो सकती है।
क्या है ये डिजीज एक्स?
डिजीज एक्स, जिसे नई महामारी के लिए प्रमुख जोखिम कारक माना जा रहा है, वास्तव में ये कोई बीमारी नहीं बल्कि एक शब्द है। डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, 'डिजीज एक्स' का उपयोग उस बीमारी को संदर्भित करने के लिए किया जा रहा है जो मानव में संक्रमण विकसित करती है हालांकि अगली महामारी के लिए कौन सी बीमारी कारक है, फिलहाल चिकित्सा अनुसंधानों में यह स्पष्ट नहीं है। पहली बार साल 2018 में इस टर्म का उपयोग डब्ल्यूएचओ ने किया था।
वायरस और रोगजनकों पर निगरानी
वैज्ञानिकों ने बताया, हम करीब 25 तरह के वायरस और उनकी फैमिली की निगरानी कर रहे हैं, जिससे यह समझा जा सके कि आने वाले दिनों में किस वायरस या रोगजनक के कारण महामारी जैसे हालात बन सकते हैं? पिछले दिनों जानवरों से इंसानों में संक्रमण होने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, इस तरह के रोगों को लेकर भी गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है।
सभी लोगों को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए, यही एक तरीका होगा जो आपको संक्रामक रोगों और इसके कारण होने वाले जोखिमों से बचाने में मददगार हो सकेगी।