चावल दुनिया के सबसे अधिक खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है। भारतीय महिलाएं अपनी रसोई घर में सबसे ज्यादा सफेद चावल ही पकाती हैं। लोगों को भी रोटी से ज्यादा चावल खाना पसंद होता है, लेकिन जब सेहत की बात आती है, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि व्हाइट राइस (सफेद चावल) और ब्राउन राइस (भूरे चावल) में कौन ज्यादा फायदेमंद है? तो आज की इस खबर में हम दोनों की तुलना करके समझते हैं कि किसे खाना बेहतर होगा। आइए जानते हैं।
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White Vs Brown Rice: व्हाइट या ब्राउन चावल, किसे खाने से सेहत को मिलता है फायदा? यहां जानें
Fri, 21 Feb 2025 10:57 AM IST
दीक्षा पाठक
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Fri, 21 Feb 2025 10:57 AM IST
सार
Rice Benefits: जब सेहत की बात आती है, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि व्हाइट राइस (सफेद चावल) और ब्राउन राइस (भूरे चावल) में कौन ज्यादा फायदेमंद है? तो आज की इस खबर में हम दोनों की तुलना करके समझते हैं कि किसे खाना बेहतर होगा। आइए जानते हैं।
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व्हाइट राइस या ब्राउन राइस में कौन है बेहतर
- फोटो : freepik.com
व्हाइट राइस या ब्राउन राइस में कौन है बेहतर
- फोटो : freepik.com
2. फाइबर और वजन नियंत्रण
ब्राउन राइस:
व्हाइट राइस:
ब्राउन राइस:
- इसमें ज्यादा फाइबर होता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और वजन घटाने में मदद मिलती है।
- फाइबर से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे ओवरईटिंग कम होती है।
व्हाइट राइस:
- इसमें फाइबर बहुत कम होता है, जिससे यह जल्दी पच जाता है और जल्दी भूख लग सकती है।
- ज्यादा खाने से वजन बढ़ने की संभावना रहती है।
व्हाइट राइस या ब्राउन राइस में कौन है बेहतर
- फोटो : freepik.com
3. ब्लड शुगर और डायबिटीज
ब्राउन राइस:
ब्राउन राइस:
- इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है (~50-55), जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है।
- डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बेहतर विकल्प है।
- इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है (~70-80), जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
- डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा विकल्प नहीं है।
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व्हाइट राइस या ब्राउन राइस में कौन है बेहतर
- फोटो : freepik.com
4. पाचन और आसानी से पचने वाला चावल
व्हाइट राइस:
ब्राउन राइस:
व्हाइट राइस:
- यह जल्दी पच जाता है और पेट के लिए हल्का होता है।
- डायरिया, उल्टी, या पेट खराब होने पर व्हाइट राइस खाना फायदेमंद रहता है।
ब्राउन राइस:
- इसमें ज्यादा फाइबर होता है, जिससे यह धीरे पचता है और कुछ लोगों को गैस या ब्लोटिंग (पेट फूलना) की समस्या हो सकती है।
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व्हाइट राइस या ब्राउन राइस में कौन है बेहतर
- फोटो : freepik.com
5. हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल
ब्राउन राइस:
व्हाइट राइस:
इसमें पोषक तत्व और फाइबर कम होते हैं, जिससे यह हृदय स्वास्थ्य के लिए कम फायदेमंद होता है।
कौन सा है ज्यादा फायदेमंद?
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
ब्राउन राइस:
- इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर ज्यादा होते हैं, जो हृदय के लिए फायदेमंद होते हैं।
- यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
व्हाइट राइस:
इसमें पोषक तत्व और फाइबर कम होते हैं, जिससे यह हृदय स्वास्थ्य के लिए कम फायदेमंद होता है।
कौन सा है ज्यादा फायदेमंद?
- अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, तो ब्राउन राइस ज्यादा फायदेमंद है, लेकिन अगर आपको पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं, तो व्हाइट राइस भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। संतुलित आहार में दोनों को सही मात्रा में शामिल करना सबसे अच्छा रहेगा।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।