भारतीय महिलाओं में जिन स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सबसे अधिक देखे जाते रहे हैं, थायराइड भी उनमें से एक है। आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर 2-3 फीसदी लोगों में थायराइड की समस्या हो सकती है, वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इसका खतरा 10 गुना तक अधिक होता है। थायराइड मुख्यरूप से दो प्रकार का होता है- पहली स्थिति जिसमें शरीर में थायराइड हार्मोन्स का उत्पादन काफी कम हो जाता है (हाइपोथायराइड्जम) और दूसरी जिसमें उत्पादन सामान्य से अधिक होने लगता है (हाइपरथायराइड्जम)। यह दोनों ही स्थितियां गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
Health Tips: थायराइड विकारों से बचाव के लिए इन चार चीजों का सेवन कर दें कम, संपूर्ण स्वास्थ्य को भी मिलेगा लाभ
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गोइट्रोजन वाली चीजें
शोध बताते हैं कि जिन लोगों को थाइराइड विकारों की समस्या होती है उन्हें गोइट्रोजन वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। गोइट्रोजन एक प्रकार के यौगिक हैं जो थायरॉयड ग्रंथि के सामान्य कामकाज में हस्तक्षेप कर सकते हैं। कई खाद्य पदार्थों जैसे सोया उत्पाद, ब्रोकोली और फूलगोभी जैसी सब्जियों में गोइट्रोजन पाया जाता है। इनका सेवन कम से करने का प्रयास करें।
मीठी चीजों के ज्यादा सेवन से बचें
मीठी चीजों या ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें ऐडेड शुगर की मात्रा अधिक होती है, वे न सिर्फ डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा देते हैं, साथ ही इनसे थायराइड विकारों की भी समस्या का जोखिम होता है। विशेषकर ऐडेड शुगर वाली चीजों में एस्पार्टेम (न्यूट्रास्वीट) और सुक्रालोज़ (स्प्लेंडा) की मात्रा होती है जो थायरॉइड उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच) के हाई लेवल से संबंधित माने जाते हैं। टीएसएच का बढ़ा हुआ स्तर हाइपोथायरायडिज्म का संकेत माना जाता है।
कैफीन का भी अधिक सेवन नुकसानदायक
कई अध्ययनों में विशेषज्ञ सभी लोगों को कैफीन युक्त चीजों के कम सेवन की सलाह देते हैं, थायराइड विकारों के शिकार लोगों को भी इसपर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। जिन लोगों की थायराइड विकारों की दवा चलती है उनके लिए इनका सेवन और भी नुकसानदायक हो सकता है, ये थायरॉयड की दवा के अवशोषण को प्रभावित कर सकती है। इन चीजों के सेवन से विकार की जटिलताओं के बढ़ने का खतरा हो सकता है।
शराब के नुकासन
अल्कोहल का सेवन शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकता है, यह थायरॉयड ग्रंथि के कार्यों को प्रभावित करने के साथ हार्मोन उत्पादन की क्षमता पर भी असर डाल सकता है। शोध बताते हैं कि थायराइड की समस्याओं के शिकार लोगों को शराब के सेवन से बचाव करना चाहिए। यह आपकी जटिलताओं को बढ़ाने वाला कारक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।