शरीर को स्वस्थ और कई प्रकार की बीमारियों और संक्रमण के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली का मजबूत होना बहुत आवश्यक माना जाता है। यही कारण है कि कोरोना के इस दौर में इम्यूनिटी यानी कि प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना ही नहीं, इम्यूनिटी को मजबूत रखकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है। पर इम्यूनिटी को मजबूत कैसे किया जाए?
आज का हेल्थ टिप्स: इम्यूनिटी को बनाए रखना है मजबूत तो भूलकर भी न करें ऐसी चार गलतियां
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए शराब और धूम्रपान दोनों को दुश्मन माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि शराब या ज्यादा धूम्रपान करने वालों की इम्यूनिटी अन्य लोगों की तुलना में कमजोर हो सकती है। यही कारण है कि ऐसे लोगों को अन्य लोगों की तुलना में संक्रमण या अन्य बीमारियों का खतरा भी अधिक होता है।
चीनी के ज्यादा सेवन करने से बचें
बहुत अधिक चीनी का सेवन करने वाले लोगों को न सिर्फ डायबिटीज, साथ ही इम्यूनिटी से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। विशेषकर एडेड शुगर वाले खाद्य पदार्थ शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। चीनी के ज्यादा सेवन से ब्लड शुगर बढ़ जाता है जिससे आंत में मौजूद बैक्टीरिया का कार्य भी प्रभावित हो जाता है। यह इम्यूनिटी के लिए भी नुकसानदायक मानी जाती है।
व्यायाम न करने की आदत छोड़ दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शारीरिक निष्क्रियता के कारण इम्यूनिटी कमजोर होने के साथ गठिया, डायबिटीज, और हृदय रोगों की जटिलता बढ़ जाती है। शरीर को सक्रिय बनाए रखकर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखा जा सकता है। हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट का व्यायाम जरूर करना चाहिए। यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।
नमक का बहुत अधिक इस्तेमाल न करें
आहार विशेषज्ञों के मुताबिक खाने को स्वादिष्ट बनाए रखने के लिए नमक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन इसकी अधिकता को शरीर के लिए उतना ही नुकसानदायक माना जाता है। नमक के ज्यादा इस्तेमाल के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या होती है, जिससे हृदय रोगों और इम्यूनिटी कमजोर होने की दिक्कत हो सकती है। ज्यादा नमक, प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज को बाधित कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।