प्रभा किरण
Third-Hand Smoke: कहीं आप थर्ड-हैंड स्मोकिंग का शिकार तो नहीं? जानिए कैसे और कौन हो सकता है प्रभावित
क्या है थर्ड हैंड स्मोकिंग
थर्ड-हैंड स्मोकिंग के नुकसान को जानने से पहले इसके बारे में जान लेना जरूरी है। जब कोई स्मोकिंग करता है तो सिगरेट का धुआं उसके अंदर प्रवेश करता है। इसे फर्स्ट-हैंड स्मोकिंग कहा जाता है। अगर उस जगह कोई व्यक्ति भी मौजूद है तो सिगरेट का धुआं उसके अंदर भी प्रवेश करता है, जिसे सेकंड-हैंड स्मोकिंग कहा जाता है। लेकिन सिगरेट से निकलने वाला धुआं और अन्य हानिकारक केमिकल्स आस-पास की जगहों एवं चीजों पर चिपक जाते हैं। यही नहीं, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के हाथों तथा कपड़ों आदि के माध्यम से भी हानिकारक तत्व दूसरे व्यक्तियों के संपर्क में आ सकते हैं और उन्हें भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, जबकि वे धूम्रपान नहीं करते हैं। इसे ही थर्ड-हैंड स्मोकिंग कहा जाता है। यह कई माध्यमों से आपको प्रभावित कर सकता है। मसलन, प्रभावित चीजों और कपड़ों को छूने तथा ऐसे स्थानों पर सांस लेने से भी आप इसके संपर्क में आ सकती हैं। थर्ड-हैंड स्मोक अगर इनडोर वायु प्रदूषण के साथ मिल जाए तो यह अत्यधिक खतरनाक हो सकता है।
राख में हैं हानिकारक तत्व
थर्ड-हैंड स्मोकिंग के धुएं में मौजूद रसायनों में निकोटिन के साथ-साथ कैंसर पैदा करने वाले पदार्थ, जैसे कि आर्सेनिक, टार, फॉर्मेल्डिहाइड, नेफ़थलीन और अन्य रसायन शामिल होते हैं, जो कई प्रकार से हानि पहुंचाते हैं।
किन्हें ज्यादा खतरा
थर्ड-हैंड स्मोकिंग बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए परेशानियां खड़ी कर सकता है। छोटे बच्चों में अविकसित प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण उन्हें इससे सबसे अधिक जोखिम होता है। इससे बच्चों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में अधिक संक्रमण होना (जैसे ब्रोंकाइटिस एवं निमोनिया) अस्थमा और कानों में इंफेक्शन होने की आशंका बनी रहती है। अगर नवजात शिशु इसके संपर्क में आता है तो उसे सांस संबंधी परेशानियां हो सकती हैं और वह बार-बार बीमार पड़ सकता है। महिलाओं और बुजुर्गों में थर्ड-हैंड स्मोकिंग से किडनी, मुंह तथा गले की बीमारियां और कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। साथ ही गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे शिशुओं के लिए भी यह खतरनाक साबित हो सकता है।
पशु भी बनते हैं जरिया
थर्ड-हैंड स्मोकिंग आपको ही नहीं, बल्कि आपके पालतू पशु के लिए भी खतरनाक होती है। धूम्रपान के बाद खतरनाक तत्व सतह और हवा में फैल जाते हैं। जब आपका पालतू पशु उस वातावरण में जाता है तो इसके तत्व उसके पैरों और बालों से चिपक जाते हैं, जिससे वह थर्ड-हैंड स्मोकिंग का माध्यम बन जाता है। वह जहां-जहां जाएगा, ये तत्व भी वहां पर फैल जाएंगे। अगर वह आपके बच्चों के पास जाता या खेलता है तो बच्चे भी थर्ड-हैंड स्मोकिंग का शिकार बन सकता है। इसलिए घर को साफ करने के साथ ही अपने पशुओं को भी नहलाएं।