शरीर में होने वाली सभी प्रकार की क्रियाओं का सीधा असर हमारी सेहत से होता है, ऐसे में कुछ भी अगर सामान्य से अधिक या कम हो रहा हो तो उसपर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता होती है। पेशाब की इच्छा के साथ भी ऐसा ही है। बार-बार पेशाब की इच्छा होना, विशेषकर रात के समय होने वाली यह समस्या कई प्रकार के स्वास्थ्य विकारों का संकेत हो सकती है। इसमें से कुछ को गंभीर बीमारियों के तौर पर भी जाना जाता है। क्या आपको भी रात में दो -तीन बार पेशाब जाने की इच्छा महसूस होती रहती है? अगर हां तो सावधान हो जाइए।
जानना जरूरी: रात को बार-बार जाना पड़ता है पेशाब? कहीं ये गंभीर बीमारियों का संकेत तो नहीं, जानिए विस्तार से
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क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
बार-बार पेशाब जाने की इच्छा को नोक्टूरिया कहा जाता है, इसके दो संभावित कारण हो सकते हैं। ब्लेडर की कमजोरी या सामान्य से अधिक मूत्र का उत्पादन होना। यह स्थितियां कई कारणों से हो सकती हैं। डायबिटीज से लेकर हृदय रोगों तक के लक्षणों में भी नोक्टूरिया की समस्या को एक कारण के रूप में देखा जाता है। इस तरह के संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।समय रहते डॉक्टर से सलाह लेकर स्थिति की सही निदान और उपचार किया जाना आवश्यक है वरना यह गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने का लक्षण
जापानी सर्कुलेशन सोसाइटी की वार्षिक वैज्ञानिक बैठक में प्रस्तुत साल 2019 के एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग रात में एक से अधिक बार बाथरूम करने के लिए जागते थे, उनमें उच्च रक्तचाप होने की आशंका 40 प्रतिशत अधिक हो सकती है। वैसे तो इसे हाई ब्लड प्रेशर के पुख्ता कारण के तौर पर नहीं जाना जाता है पर इसे संभावित खतरा जरूर मान सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोगों का जोखिम हो सकता है, ऐसे में इस समस्या के बारे में तुरंत डॉक्टरी सलाह प्राप्त करें।
डायबिटीज को हो सकता है संकेत
मधुमेह की स्थिति में भी बार-बार पेशाब जाने की इच्छा महसूस होती रह सकती है। डायबिटीज में अतिरिक्त ग्लूकोज या ब्लड शुगर आपकी किडनी में जाता रहता है जिसके कारण पेशाब महसूस होती रह सकती है। यदि आपको भी इस प्रकार की दिक्कत है तो पेशाब की जांच जरूर करा लें। डायबिटीज की स्थिति पर ध्यान न देने के कारण किडनी और शरीर को अन्य की अंगों पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकता है। इस तरह के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।