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भोजन को 32 बार चबाने से क्या होता है? पाचन से लेकर वजन तक जानें फायदे
Thu, 08 Oct 2026 12:44 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:44 PM IST
सार
How Many Times Should You Chew Food: आपने अक्सर डॉक्टर को ये कहते सुना होगा कि खाने को 32 बार चबाना पड़ता है। इसके क्या फायदे हैं, आइए हम आपको इसकी जानकारी देंगे।
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भोजन को 32 बार चबाने से क्या होता है?
- फोटो : AI
How Many Times Should You Chew Food: खाना क्या खा रहे हैं, यह ही जरूरी नहीं है, बल्कि उसे किस तरह खा रहे हैं, इसका भी हमारी सेहत पर असर पड़ सकता है। आपने अक्सर घर के बड़े-बुजुर्गों या डॉक्टरों से सुना होगा कि भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए और कई जगह 32 बार चबाने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या हर निवाले को ठीक 32 बार चबाना वास्तव में जरूरी है?
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क्या हर निवाले को 32 बार चबाना जरूरी है?
- फोटो : Adobe
खाना 32 बार चबाना क्यों कहा जाता है?
32 बार चबाने की सलाह मुख्य रूप से एक सामान्य नियम के रूप में लोकप्रिय हुई है। इसका मकसद हर निवाले को अच्छी तरह चबाना और जल्दी-जल्दी खाना खाने की आदत से बचना है। भोजन की बनावट के अनुसार चबाने की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। नरम भोजन को कम बार चबाने की जरूरत पड़ सकती है, जबकि कठोर या रेशेदार भोजन को निगलने से पहले ज्यादा चबाना पड़ सकता है।
क्या हर निवाले को 32 बार चबाना जरूरी है?
- फोटो : Freepik.com
खाना अच्छी तरह चबाने के फायदे
1. पाचन की शुरुआत मुंह से होती है
चबाने से भोजन छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और लार के साथ अच्छी तरह मिल जाता है। लार में मौजूद एंजाइम कार्बोहाइड्रेट के पाचन की शुरुआत करने में मदद करते हैं। इससे भोजन को आगे पचाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
2. खाना निगलना आसान होता है
अच्छी तरह चबाया गया भोजन नरम होकर निगलने के लिए अधिक तैयार हो जाता है। इससे बड़े-बड़े टुकड़ों में खाना निगलने की संभावना कम होती है।
1. पाचन की शुरुआत मुंह से होती है
चबाने से भोजन छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और लार के साथ अच्छी तरह मिल जाता है। लार में मौजूद एंजाइम कार्बोहाइड्रेट के पाचन की शुरुआत करने में मदद करते हैं। इससे भोजन को आगे पचाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।
2. खाना निगलना आसान होता है
अच्छी तरह चबाया गया भोजन नरम होकर निगलने के लिए अधिक तैयार हो जाता है। इससे बड़े-बड़े टुकड़ों में खाना निगलने की संभावना कम होती है।
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क्या हर निवाले को 32 बार चबाना जरूरी है?
- फोटो : Freepik.com
3. धीरे खाने में मदद मिलती है
भोजन को ज्यादा देर तक चबाने से खाने की गति धीमी हो जाती है। इससे शरीर को पेट भरने का संकेत मिलने के लिए अधिक समय मिल सकता है और कुछ लोगों में जरूरत से ज्यादा खाने की आदत कम हो सकती है।
4. खाने का स्वाद बेहतर महसूस होता है
जब भोजन को अच्छी तरह चबाया जाता है, तो उसके स्वाद और बनावट को महसूस करने का ज्यादा समय मिलता है। इससे खाने का अनुभव भी बेहतर हो सकता है।
भोजन को ज्यादा देर तक चबाने से खाने की गति धीमी हो जाती है। इससे शरीर को पेट भरने का संकेत मिलने के लिए अधिक समय मिल सकता है और कुछ लोगों में जरूरत से ज्यादा खाने की आदत कम हो सकती है।
4. खाने का स्वाद बेहतर महसूस होता है
जब भोजन को अच्छी तरह चबाया जाता है, तो उसके स्वाद और बनावट को महसूस करने का ज्यादा समय मिलता है। इससे खाने का अनुभव भी बेहतर हो सकता है।
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क्या हर निवाले को 32 बार चबाना जरूरी है?
- फोटो : Freepik.com
क्या हर निवाले को 32 बार चबाना जरूरी है?
नहीं। 32 बार चबाना कोई ऐसा वैज्ञानिक नियम नहीं है जिसे हर व्यक्ति और हर भोजन पर लागू किया जाए। बेहतर तरीका यह है कि भोजन को तब तक चबाएं जब तक वह आसानी से निगलने लायक नरम न हो जाए। भोजन को जल्दी-जल्दी निगलने से बचें और खाते समय अच्छी तरह चबाने पर ध्यान दें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
नहीं। 32 बार चबाना कोई ऐसा वैज्ञानिक नियम नहीं है जिसे हर व्यक्ति और हर भोजन पर लागू किया जाए। बेहतर तरीका यह है कि भोजन को तब तक चबाएं जब तक वह आसानी से निगलने लायक नरम न हो जाए। भोजन को जल्दी-जल्दी निगलने से बचें और खाते समय अच्छी तरह चबाने पर ध्यान दें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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