कोरोना की इस विपरीत परिस्थिति से मुकाबले के लिए लोग तरह-तरह के उपायों को प्रयोग में ला रहे हैं। कोई विटामिन-डी का बहुत अधिक सेवन कर रहा है तो कोई योग और प्राणायाम से अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने की कोशिशों में लगा हुआ है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उचित पोषण, व्यायाम और पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। आमतौर पर भोजन से हमारी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं जिसके लिए लोगों को विटामिन के कैप्सूल और सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है। पर क्या विटामिन-डी का सेवन वास्तव में कोरोना से सुरक्षा दे सकता है? हाल ही में हुए एक अध्ययन ने लोगों के मन में इस तरह के सवाल पैदा कर दिए हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना में विटामिन-डी के सेवन से कोई लाभ नहीं है। गौरतलब है कि कोरोना के इलाज के लिए सरकार द्वारा जारी प्रोटोकॉल में भी रोगियों को विटामिन-डी की गोलियों के सेवन की सलाह दी गई थी।
अध्ययन: कोविड-19 में फायदेमंद नहीं है इस विटामिन का सेवन, वैज्ञानिकों ने किया सचेत
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कोरोना में विटामिन-डी फायदेमंद नहीं
विटामिन-डी द्वारा इम्यूनिटी-बढ़ाने वाले लाभ को देखते हुए अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के साथ आहार में इसे भी शामिल करने की सलाह दी जा रही थी। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक लेख के अनुसार कोविड-19 को रोगियों में विटामिन-डी के कई तरह से लाभ की परिकल्पना की गई थी। हालांकि कनाडा के क्यूबेक स्थित मैकगिल विश्वविद्यालय में किए गए एक अध्ययन में इसका खंडन किया गया है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोरोना में विटामिन डी का उपयोग शरीर के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद नहीं माना जा सकता है।
कोविड-19 और विटामिन-डी
अध्ययन के लेखकों के अनुसार, कोरोना को ठीक करने या इसके लक्षणों को कम करने में सप्लीमेंट के रूप में विटामिन डी को फायदेमंद नहीं पाया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक- हमारे परिणाम बताते हैं कोविड-19 के रोगियों को इसकी जगह पर अन्य उपायों को प्राथमिकता देनी चाहिए। कोविड रोगियों में विटामिन-डी के उपयोग को बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं पाया गया है। चिकित्सकों को इस बारे में विचार करने की आवश्यकता है।
अध्ययन से जुड़े डॉ बटलर-लापोर्टे कहते हैं, विटामिन-डी पर किए गए अधिकांश अध्ययनों के आधार पर कहा जा सकता है कि वे कोविड-19 के गंभीर जोखिमों में बहुत प्रभावी साबित नहीं हुए हैं। कोविड के रोगियों में इसके क्या लाभ होंगें, तथा जोखिम कारकों को कम करने में यह कितना कारगर सप्लीमेंट हो सकता है, इस बारे में अभी और अधिक विस्तार से जानने की आवश्यकता है। फिलहाल रोगियों को इसी सप्लीमेंट के भरोसे रखना सही नहीं है।
इससे पहले के कई अध्ययनों में बताया जा रहा था कि कोविड-19 के रोगियों में विटामिन डी का स्तर काफी कम पाया गया जाता है। इसके अलावा रोगियों में बुखार काफी ज्यादा हो जाता है, यह भी शरीर में विटामिन डी के स्तर को कम कर देता है। विटामिन डी की कमी वाले कोविड -19 संक्रमितों में संक्रमण गंभीर होने के साथ मृत्यु का भी खतरा अधिक हो सकता है। यही कारण है कि लोगों को कोविड के समय में विटामिन डी के सेवन की सलाह दी जाती रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन डी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वास्थ्य रखने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
हाल ही में हुए अध्ययन ने लोगों में विटामिन-डी के सेवन को लेकर कई सवाल पैदा कर दिए हैं। फिलहाल कोरोना में यह कितना प्रभावी हो सकता है, इस बारे में जानने के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Vitamin D and COVID-19 susceptibility and severity in the COVID-19 Host Genetics Initiative: A Mendelian randomization study
अस्वीकरण नोट: यह लेख मैकगिल विश्वविद्यालय में किए गए एक अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बताए गए उपायों के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।