विटामिन-डी शरीर के लिए अति महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट की मात्रा को नियंत्रित करने के साथ हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए इन पोषक तत्वों की जरूरत होती है। विटामिन-डी की कमी से रिकेट्स जैसी हड्डियों की विकृति हो सकती है। आश्चर्यजनक रूप से शहरी आबादी में इस विटामिन की कमी के मामले अधिक देखे जा रहे हैं।
जानना जरूरी: ऑफिस और घर में बीतता है पूरा दिन? शरीर में विटामिन-डी की कमी का बढ़ सकता है जोखिम
विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण, हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। धूप, वसायुक्त मछली और अंडे की जर्दी इसके स्रोत हैं। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हो गए हैं?
विटामिन डी की कमी
रिपोर्टस से पता चलता है कि शहरी आबादी में ज्यादातर लोग विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं। त्वचा के धूप के संपर्क में आने पर शरीर में यह विटामिन निर्मित होता है। इसकी कमी को हड्डियों के रोग जैसे ऑस्टियोपोरोसिस और मांसपेशियों-तंत्रिका संबंधी रोगों का कारण बन सकती है। इससे मधुमेह होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
- बच्चों में इस विटामिन की कमी के कारण विकास से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं, इसे इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी आवश्यक माना जाता है।
आइए जानते हैं किस प्रकार से इसकी पूर्ति की जा सकती है।
सूरज की रोशनी में बिताएं समय
- वयस्कों के लिए रोजाना 20 माइक्रोग्राम की मात्रा में विटामिन-डी को पर्याप्त माना जाता है। सूरज की रोशनी के संपर्क में रहने से इसकी आवश्यकताओं की आसानी से पूर्ति की जा सकती है। यह विटामिन-डी के लिए सबसे आसान स्रोतों में से एक है। विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को सुबह के समय कुछ देर सूरज की रोशनी में समय जरूर बिताना चाहिए। यह शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है।
आहार के माध्यम से कैसे करें पूर्ति?
- कुछ खाद्य पदार्थ स्वाभाविक रूप से विटामिन-डी से भरपूर होते हैं। वसायुक्त मछलियां, मांस और फिश लिवर ऑयल भी इसका अच्छा स्रोत है। अंडे की जर्दी, पनीर और दूध से भी इसकी पूर्ति की जा सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि मशरूम और डेयरी उत्पादों के सेवन की आदत आपमें इस विटामिन की कमी को पूरा कर सकती है। ध्यान रहे, बिना डॉक्टरी सलाह के विटामिन सप्लीमेंट्स लेने से बचना चाहिए।
संतरे का करें सेवन
संतरे आमतौर पर विटामिन-सी के लिए जाने जाते हैं पर इसके साथ इसमें विटामिन डी की भी मात्रा पाई जाती है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। संतरा विटामिन-डी का समृद्ध स्रोत है। यह हमारी कोशिकाओं को क्षति से बचाने के साथ शरीर को कोलेजन बनाने में मदद करता है। कोलेजन घावों को ठीक करता है और त्वचा को चिकना बनाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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