कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तमाम अध्ययनों में वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है। कोरोना के नए वैरिएंट्स पर वैक्सीन कितनी प्रभावी हैं, वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज कितने दिनों तक शरीर को सुरक्षा दे सकती है? इनपर लगातार अध्ययन किए जा रहे हैं। इन सवालों से इतर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को उपलब्ध वैक्सीन जरूर ले लेनी चाहिए। यह गंभीर रोग से सुरक्षा देने के साथ मृत्यु के खतरे को कम करने में बेहद कारगर है। वैक्सीनेशन से शरीर में बनीं एंटीबॉडीज कोरोना के संक्रमण को शरीर में फैलने से रोकने के साथ गंभीर खतरे से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
काम की बात: सभी लोगों को जरूर जाननी चाहिए वैक्सीनेशन से जुड़ी यह बातें, कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक
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बढ़े हुए शुगर लेवल के दौरान टीकाकरण?
अगर किसी का शुगर लेवल बढ़ा हुआ है, तो क्या वैक्सीन लगवा सकते हैं?#Unite2FightCorona pic.twitter.com/7akcFqtBq0
बढ़े हुए शुगर लेवल के दौरान वैक्सीनेशन करा सकते हैं या नहीं? इस बारे में एमएलएन मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद के डॉ अजीत के चौरसिया कहते हैं, टीकाकरण सभी के लिए आवश्यक है। अगर किसी के शुगर का स्तर बढ़ा हुआ है तो भी वह व्यक्ति टीकाकरण करा सकता है। सरकार की तरफ से बढ़े हुए ब्लड शुगर की स्थिति में टीकाकरण न कराने जैसी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। मधुमेह के रोगियों के लिए टीकाकरण और भी आवश्यक हो जाता है।
कितने दिनों तक असरदार रहती है वैक्सीन?
डॉ अजीत कहते हैं, कोरोना से शरीर को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीनेशन बहुत आवश्यक है। माना जाता है कि वैक्सीनेशन से बनी एंटीबॉडीज 6 महीने के बाद कम होने लगती हैं। पर इसका मतलब यह नहीं है कि एंटीबॉडीज बिल्कुल ही खत्म हो जाती हैं। शरीर में मौजूद मेमोरी सेल जरूरl पड़ने पर दोबारा से एंटीबॉडीज का उत्पादन कर सकती हैं। इसलिए लोगों को इस बात से डरने की आवश्यकता नहीं है कि कुछ दिनों में वैक्सीन की प्रभाविकता कम हो जाएगी।
कोरोना संक्रमित रहते वैक्सीन लगवा सकते हैं?
वैक्सीन लगवाने के बाद पता चला कि कोरोना हो गया है, क्या वह प्रभावी रहेगी?#Unite2FightCorona | #IndiaFightsCorona pic.twitter.com/DeL6d9Rlc8
पीएचएफआई के अध्यक्ष डॉ के श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, वैसे तो कोरोना संक्रमितों को ठीक होने के 3 महीने बाद वैक्सीनेशन कराने की सलाह दी जाती है, पर कई बार ऐसा भी हो सकता है कि आपको पहले से ही कोरोना हो और आपने इसी समय वैक्सीन लगवा ली हो। वैक्सीन लगवाने के बाद आपमें संक्रमण की पु्ष्टि हो, इस स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। अगर अनजाने में संक्रमित रहते हुए आपने वैक्सीन लगवा भी ली है तो इससे कोई नुकसान नहीं है।
वैक्सीन की दूसरी डोज में देरी हो रही है, तो क्या यह असर करेगी?
डॉ रेड्डी कहते हैं कि कई स्थानों पर टीकों की कमी के कारण लोगों को तय समय पर दूसरी डोज नहीं मिल पा रही है। पर इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है, ऐसा नहीं है कि टीकाकरण के लिए जो दिन निर्धारित हो, उसी ही दिन टीका लगवाना है। एक हफ्ते बाद भी अगर वैक्सीनेशन कराते हैं तो इसका असर कम नहीं होगा। इसलिए वैक्सीन के उपलब्ध होते ही टीकाकरण जरूर करा लें।
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नोट: यह लेख ट्विटर हैंडल @AIRNewsHindi पर डॉक्टरों द्वारा साझा की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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