कोरोना संक्रमण से सुरक्षा देने के लिए देशभर में वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में देश के कई राज्यों में 23 जुलाई से गर्भवती महिलाओं का भी वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। गर्भवती महिलाओं पर वैक्सीन के प्रभाव का डेटा उपलब्ध न होने के कारण देश के कोविड टीकाकरण प्रोटोकॉल से अबतक ऐसी महिलाओं को बाहर रखा गया था। हालांकि अब परीक्षण के दौरान कोविड वैक्सीनों को गर्भवती महिलाओं के लिए भी उपयुक्त पाया गया है। नए नियमों के अनुसार कई भी गर्भवती महिला अब भारत में मौजूद दोनों स्वदेशी वैक्सीन- कोवैक्सीन और कोविशील्ड में से एक का चयन कर, टीकाकरण करा सकती है।
कोरोना से जंग: गर्भावस्था में वैक्सीनेशन से जुड़े सभी सवालों के जवाब, यहां जानिए विस्तार से
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क्यों जरूरी है गर्भवती के लिए वैक्सीन?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने उल्लेख किया कि गर्भावस्था के दौरान कोरोना संक्रमण, विशेषकर सिम्टोमैटिक लक्षण होने पर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण की यह स्थिति भ्रूण को भी प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे खतरों को देखते हुए सभी गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कराने की सलाह दी जाती है। गर्भवती महिलाओं, विशेषकर 35 वर्ष से अधिक आयु, मोटापे से ग्रस्त या पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शिकार महिलाओं में कोरोना की गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। इन समस्याओं से सुरक्षित रखने में वैक्सीनेशन काफी मददगार हो सकती है। कोरोना से संक्रमित हो जाने से समय से पहले प्रसव और जन्म के समय बच्चे की मृत्यु का खतरा भी बढ़ सकता है।
कितना सुरक्षित है टीकाकरण?
चूंकि शुरुआत में गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कार्यक्रम से बाहर रखा गया था, ऐसे में लोगों के मन में सवाल हैं कि गर्भावस्था में कोविड का टीका कितना सुरक्षित है? इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि महिलाएं बेझिझक वैक्सीनेशन करा सकती हैं, अध्ययनों में टीकों को काफी फायदेमंद पाया गया है। हालांकि सामान्य लोगों के तरह गर्भवती महिलाओं को भी हल्का बुखार और इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द जैसे साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं। इनसे घबराने की जरूरत नहीं हैं यह एक-तीन दिनों में स्वत: ठीक हो जाते हैं।
गर्भावस्था के दौरान कब ली जा सकती है वैक्सीन?
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान कभी भी वैक्सीन ली जा सकती है, कोशिश करें कि इसे जल्द से जल्द ले लिया जाए। यदि गर्भवती महिला को कोविड संक्रमण है तो वह प्रसव बाद टीका लगवा सकती है। हालांकि यदि गर्भवती महिला हाल ही में गंभीर कोविड से संक्रमित हुई हो या उसमें एलर्जी या कोई अन्य जोखिम के लक्षण हो तो टीकाकरण कराने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के गाइडलाइंस के मुताबिक वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण कराने से गर्भ में पल रहे शिशु पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। कई अध्ययनों में यह भी स्पष्ट हो चुका है कि कोरोना की वैक्सीन लगवाने के बाद नियमित रूप से स्तनपान भी करा सकती हैं। हां इस बारे में अब भी अध्ययन किया जा रहा है कि टीकाकरण के कारण नवजात में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो सकती हैं या नहीं?
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड-लाइंस के आधार पर तैयार किया गया है। गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण कराने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेना उचित माना जाता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।