आयुर्वेद में शंखपुष्पी का उल्लेख किया गया है। आयुर्वेद में बताया गया है कि शंखपुष्पी का सेवन करने से कई तरह की बीमारियां दूर होती हैं। शंखपुष्पी भारत में पथरीले मैदानों में पाई जाती है। शंखपुष्पी से दिमाग तेज होता है और याद्दाशत भी बढ़ती है। विशेषज्ञों की मानें तो आजकल की इस भागदौड़ और तनावपूर्ण जिंदगी में शंखपुष्पी का सेवन करना लाभदायक है।
शंखपुष्पी औषधि किसी वरदान से कम नहीं, जानें इसके फायदे
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मधुमेह को नियंत्रित करना
अगर आप मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं तो आपके लिए शंखपुष्पी किसी वरदान जैसा है। शंखपुष्पी के नियमित सेवन से शरीर की कोशिकाओं को नवशक्ति प्राप्त होती है। अगर आप मधुमेह को नियत्रंण में रखना चाहते हैं तो आपको नियमित रूप से शंखपुष्पी का सेवन करना चाहिए। 2-4 ग्राम शंखपुष्पी के चूर्ण को मक्खन या पानी के साथ सुबह शाम पीना चाहिए। शंखपुष्पी के नियमित सेवन से मधुमेह नियत्रिंत हो जाता है।
खून की उल्टी रोकना
खून की उल्टी रोकने के लिए शंखपुष्पी का सेवन करें। खून की उल्टी को रोकने में शंखपुष्पी बेहद लाभकारी साबित होती है। खून की उल्टी रोकने के लिए 4 चम्मच शंखपुष्पी का रस, 1 चम्मच दूब घास तथा 1 चम्मच गिलोय का रस मिलाकर पीने से जल्द ही लाभ मिलता है। यही नहीं अगर आपके नाक में से भी खून बहे तो आप शंखपुष्पी की बूंद को नाक में डाल सकते हैं। इससे जल्द ही आपके नाक से खून बहना बंद हो जाएगा।
बालों के लिए लाभदायक
शंखपुष्पी के इस्तेमाल से बाल बढ़ने लगते है एवं बालों में चमक भी आने लगती है। अगर आप भी अपने बाल बढ़ाना चाहते हैं तो जड़ सहित पूरे पौधे को पीस लें। अब इसके लेप को सिर पर लगा लें। इसके अलावा इसके रस को नाक में डालने से बाल जल्दी सफेद नहीं होते हैं।
गर्भाशय को मजबूत बनाएं
शंखपुष्पी का सेवन करने से गर्भशय को ताकत मिलती है। शंखपुष्पी गर्भाशय से संबधित रोगों से लड़ने में मदद करता है। शंखपुष्पी का आप हरड़, घी, शतावरी और शक्कर में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। इसके नियमित सेवन से आपके शरीर को शक्ति भी मिलती है।