पेशाब के माध्यम से हमारे शरीर के अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। डॉक्टरों के मुतबिक पेशाब में किसी तरह की समस्या के आधार पर शरीर के अंदर पनप रही कई सारी गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। यही कारण है कि कई बीमारियों के परीक्षण के समय डॉक्टर आपको पेशाब का सैंपल लाने को कहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पेशाब करते समय यदि आपको किसी भी तरह की असुविधा का अनुभव होता हो तो इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। पेशाब करने में जलन महसूस होना या पेशाब से असामान्य तरीके की बदबू आना संक्रमण की ओर इशारा हो सकता है।
यूटीआई: कहीं आपको भी तो नहीं है पेशाब में जलन और बदबू की दिक्कत? हो जाइए सावधान
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मूत्र मार्ग में संक्रमण के लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक यूटीआई की समस्या को सामान्य तौर पर पेशाब में असामान्यता के आधार पर जाना जा सकता है। सामान्य तौर पर रोगियों को बार-बार पेशाब महसूस हो सकती है। यदि आपको भी इस तरह के लक्षण महसूस हो रहे हों तो तुरंत सावधान हो जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
- पेशाब करते समय जलन होना
- बार-बार पेशाब आना, थोड़ी मात्रा में पेशाब होना
- पेशाब में बहुत ज्यादा झाग बनना।
- पेशाब के रंग में बदलाव जैसे लाल, चमकीला गुलाबी या गहरे रंग का दिखाई देना।
- पेशाब से असामान्य तरह की बदबू आना।
- महिलाओं को पैल्विक हिस्से में दर्द महसूस होना।
किन कारणों से होती है यूटीआई की समस्या?
डॉक्टरों के मुताबिक मूत्र मार्ग में संक्रमण आमतौर पर मूत्र पथ में बैक्टीरिया के प्रवेश कर जाने के कारण होता है। इसके अलावा शौचालय की साफ-सफाई में कमी या सार्वजनिक शौचालय के इस्तेमाल के कारण भी कुछ लोगों को यह समस्या हो सकती है। ब्लेडर में संक्रमण के कारण भी यूटीआई की दिक्कत हो सकती है। इस प्रकार का यूटीआई आमतौर पर एस्चेरिचिया कोलाई (ई.कोलाई) बैक्टीरिया के कारण होते हैं। यह एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो आमतौर पर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) पथ में पाया जाता है।
यौन क्रियाओं में सक्रिय महिलाओं को यूटीआई की समस्या अधिक होती है। इसके अलावा कुछ प्रकार के गर्भनिरोधको के प्रयोग के कारण भी महिलाओं में इस तरह की दिक्कत देखने को मिली है।
मूत्र मार्ग में संक्रमण का इलाज
डॉक्टरों के मुताबिक सामान्यतौर पर एंटीबायोटिक्स को यूटीआई के प्राथमिक उपचार के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है। यह दवाइयां, यूटीआई के कारण और गंभीरता के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं। यूटीआई को कम करने और इसके इलाज के लिए कई बार क्रैनबेरी जूस के सेवन की सलाह दी जा सकती है। इसमें कुछ ऐसे गुण होते हैं जो ई कोलाई बैक्टीरिया को निष्प्रभावी कर सकते हैं। हालांकि सभी लोगों में यह उपाय कारगर हो, ऐसा आवश्यक नहीं है।
डॉक्टरों के मुताबिक अक्सर, उपचार शुरू करने के कुछ दिनों के भीतर यूटीआई के लक्षण कम हो जाते हैं, लेकिन एंटीबायोटिक दवाओं को एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक जारी रखने की आवश्यकता हो सकती है। एंटीबायोटिक्स का पूरा कोर्स पूरा करना आवश्यक होता है, वरना संक्रमण दोबारा से हो सकता है।
यूटीआई से बचाव के लिए क्या कर सकते हैं?
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ सावधानियां बरतकर यूटीआई की समस्या से सुरक्षित रहा जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले खूब पानी पीजिए। टॉयलेट की साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है, सार्वजनिक शौचालय के इस्तेमाल के समय सीट को अच्छी तरह से साफ कर लें। सेक्स के पहले और बाद में जननांगों को अच्छी तरह से साफ जरूर करें। मूत्रमार्ग में प्रवेश होने वाले किसी भी बैक्टीरिया को बाहर निकालने के लिए सेक्स के बाद पेशाब जरूर करें। यूटीआई के दौरान कॉफी, शराब, और कैफीन पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
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स्रोत और संदर्भ:
Urinary tract infection (UTI)
What Is a Urinary Tract Infection
अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्रित की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।