कोरोना, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ाता हुआ देखा जा रहा है। विशेषतौर पर नए वैरिएंट JN.1 के कारण कई देशों में स्थिति बिगड़ रही है। सिंगापुर और अमेरिका, कोरोना के इस नए वैरिएंट से सबसे प्रभावित देशों में से हैं। यहां पिछले एक महीने में संक्रमण के मामले जिस तेजी से बढ़े हैं उसे देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ संक्रमण की एक और संभावित लहर को लेकर भी आशंका जता रहे हैं।
Covid-19: अमेरिका में लगातार 9वें हफ्ते अस्पताल में भर्ती रोगियों की संख्या में वृद्धि, मौत के मामले भी बढ़े
कोरोना से मृतकों की संख्या में भी बढ़ोतरी
सीडीसी के डेटा के अनुसार न सिर्फ अमेरिकी अस्पतालों में कोरोना के कारण भर्ती होने वालों की संख्या बढ़ रही है साथ ही इससे मृत्युदर भी चिंता बढ़ाने वाली है। प्रारंभिक सीडीसी आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के कारण हर हफ्ते 1,600 से अधिक लोगों की मौत रिपोर्ट की जा रही है।
सीडीसी ने एक अपडेट में कहा, कोविड पॉजिटिव टेस्ट, इमरजेंसी में लोगों की बढ़ती भीड़ और राष्ट्रीय स्तर पर अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या के बावजूद, कई हफ्तों की लगातार संक्रमण में वृद्धि के बाद अब इसमें कुछ स्थिरता आ रही है। फिर भी लगातार नौ हफ्तों से अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।
ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट JN.1 बढ़ा रहा है जोखिम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में कोरोना के कारण बिगड़ती स्थिति के लिए ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट JN.1 को प्रमुख कारण माना जा रहा है। यह वैरिएंट देश में सबसे तेजी से फैल रहा है। सीडीसी विशेषज्ञ कहते हैं, इस बात के तो सबूत नहीं है कि JN.1 के कारण गंभीर रोगों का खतरा बढ़ रहा है पर ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट वर्तमान में अमेरिका में 44 प्रतिशत कोविड मामलों के लिए जिम्मेदार है।
सीडीसी के पिछले महीने के आंकड़ों से पता चला है कि इसके संचरण की दर केवल दो सप्ताह में ही दोगुनी हो गई है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य अधिकारी?
स्वास्थ्य अधिकारी कहते हैं, हम देश में संक्रमण की वास्तविक संख्या को ट्रैक नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि अधिकांश लोग या तो घर पर परीक्षण करते हैं या परीक्षण ही नहीं कर रहे हैं। हालांकि, संक्रमण की इस लहर के बारे में कुछ अच्छी खबरें भी हैं। सितंबर 2023 से यहां प्रयोग में लाए जा रहे अपडेटेड बूस्टर वैक्सीन ने लोगों में नए वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षा के स्तर को बढ़ाया है।
अध्ययनों से पता तलता है कि जिन लोगों को अतिरिक्त खुराक मिली है, उनमें अस्पताल में भर्ती होने या संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा कम है। हालांकि समस्या ये है कि टीकाकरण के चार से छह महीने बाद प्रतिरक्षा कम होनी शुरू हो जाती है।
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स्रोत और संदर्भ
The U.S. is facing the biggest COVID wave since Omicron.
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