बरसात के इस मौसम में संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का जोखिम काफी अधिक होता है। फ्लू-त्वचा में संक्रमण की समस्या इन दिनों में काफी आम है। डॉक्टर कहते हैं, नम वातावरण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के बढ़ने के लिए सबसे उपयुक्त होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनके इस मौसम में बीमार होने का जोखिम अधिक हो सकता है। पर क्या आप जानते हैं कि एक बेहद आसान उपाय से आप इसके जोखिमों को कम कर सकते हैं?
सेहत की बात: घर में मौजूद इस असरदार एंटीमाइक्रोबियल से अधिकतर लोग अनजान, मानसून की बीमारियां इससे भागेंगी दूर
संक्रामक रोगों में कारगर हो सकती है तुलसी
तुलसी कितनी असरदार हो सकती है, इसको जानने के लिए किए गए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि इसमें एंटीमाइक्रोबियल (जीवाणुरोधी, एंटीवायरल, एंटिफंगल, एंटीप्रोटोजोअल, मलेरिया-रोधी) गुण होने का साथ एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण भी मौजूद होती है जो शरीर को कई प्रकार से लाभ दे सकती है।
ये न सिर्फ कई प्रकार के संक्रमण की स्थिति में रोगजनकों के प्रभावों को कम करने वाली औषधि है साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाकर आपके शरीर को रोगों से लड़ने के लिए भी तैयार करती है।
मलेरिया रोग में भी इससे पा सकते हैं लाभ
तुलसी के व्यापक-स्पेक्ट्रम रोगाणुरोधी गुणों को मानव और पशुओं में विशेष लाभकारी प्रभावों वाला पाया गया है। तुलसी की पत्तियों को चाय में उबालकर पीने से मलेरिया और डेंगू जैसे मच्छरजनित रोगों के प्रभाव को कम करने में लाभ मिलने के संकेत हैं। तुलसी के पत्तों से प्राप्त रस बुखार और वायरल लोड को कम करने में सहायक हो सकती है। इसे सहायक उपचार के तौर पर प्रयोग में लाया जा सकता है।
बरसात में त्वचा के संक्रमण का कम होगा खतरा
बरसात के दिनों में त्वचा से संबंधित कई प्रकार के संक्रमण का खतरा अधिक होता है, इन समस्याओं में भी तुलसी को लाभकारी पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि तुलसी एक्जिमा जैसी शुष्क त्वचा की समस्याओं को कम करने के साथ, इसकी एंटी-इंफ्लामेटरी गुण जलन, लालिमा और खुजली को कम करने में भी कारगर हो सकती है। तुलसी का सेवन और इसे लगाने दोनों के लाभ देखे गए हैं।
अध्ययनों की समीक्षा में कहा गया है कि वैसे तो इसके मानव परीक्षण कम हैं लेकिन प्रायोगिक अध्ययनों से पता चलता है तुलसी विभिन्न जीवाणु संक्रमणों के उपचार में मदद कर सकती है।
मानसून में फ्लू से बचा सकती है तुलसी
मौसम में बदलाव के साथ जिन लोगों में फ्लू संक्रमण का खतरा अधिक होता है उन्हें भी तुलसी की पत्तियों से विशेष लाभ मिल सकता है। तुलसी अपने रोगाणुरोधी, एंटीइंफ्लामेटरी-एंटीट्यूसिव (खांसी से राहत देने वाला) गुणों के कारण खांसी और सर्दी के लक्षणों से राहत दिलाने में फायदेमंद है। तुलसी की कुछ पत्तियों को शहद के साथ लेने से फ्लू से राहत मिलती है। इसके काढ़े का भी सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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