देश में इस समय हर तरफ दीपावली की धूम है। दीपावली के त्योहार में तरह-तरह के मीठे और स्वादिष्ट व्यंजन होते हैं, असल में मिठाइयों के बिना दिवाली का त्योहार अधूरा रह जाता है। पर मधुमेह में मिठाई खाने से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है जिससे सेहत को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है। सिर्फ मिठाइयां ही नहीं, कई अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर भी डायबिटीज रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है।
अलर्ट: त्योहारों के इस मौसम में कहीं बढ़ न जाए डायबिटीज? ये टिप्स हो सकते हैं मददगार
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज रोगियों के लिए रिफाइंड शुगर और मैदा का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। त्योहारों के इस समय में ज्यादातर पकवानों में इनकी मात्रा अधिक होती है, ऐसे में इनके सेवन से बचना चाहिए। चीनी की जगह गुड़ का सेवन कर सकते हैं। ज्यादा तली भुनी चीजें भी सेहत के लिए हानिकारक होती हैं, इनसे भी परहेज आवश्यक होता है।
समय से करें भोजन
डायबिटीज रोगियों को त्योहारों के इस मौसम में भोजन के समय को लेकर विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसमें बदलाव या दो मील के बीच बड़े अंतर के कारण ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है। छोटे-छोटे अंतराल पर कुछ न कुछ पौष्टिक चीजों का सेवन करते रहने से रक्त शर्करा को नियंत्रित रखा जा सकता है। भोजन में सब्जियों, फल और प्रोटीन स्रोत वाली चीजों को शामिल करें।
पानी पीते रहना सबसे जरूरी
मधुमेह रोगियों के लिए अन्य एहतियाती उपायों में समय -मय पर पानी पीते रहने को आवश्यक माना जाता है। रोजाना 2-3 लीटर पानी पीने से रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है, साथ ही शरीर डिहाइड्रेशन से बचा रहता है। मधुमेह में चाय, कॉफी, अन्य कैफीन वाली चीजों और सोडा का सेवन कम से कम करें।
शरीर को रखें सक्रिय
रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए व्यायाम करना एक अच्छा तरीका हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज हो उन्हें मध्यम तीव्रता वाले व्यायाम, योग और मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित रखने में यह सहायक हो सकती हैं।
इन उपायों को प्रयोग में लाकर त्योहारों के इस मौसम में ब्लड शुगर को बढ़ने से आसानी से रोका जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।