Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
थायरॉइड तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है, जो गले में स्थित होती है। शरीर की चयापचय (मेटाबॉलिज्म) क्रिया में इस ग्रंथि का विशेष योगदान होता है। इसके अलावा थायरॉइड हार्मोन का काम रक्त में शुगर, कोलेस्ट्रॉल और फोस्फोलिपिड की मात्रा को करना, हड्डियों और मानसिक वृद्धि को नियंत्रित करना, हृदय गति और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित रखना और महिलाओं में दुग्धस्राव को बढ़ाना होता है। लेकिन आजकल अक्सर लोगों को सुनने को मिलता है कि मुझे थायरॉइड है, मेरा वजन बढ़ रहा है या घट रहा है। दरअसल, जब थायरॉइड ग्रंथि सही तरीके से काम नहीं करती है, तब ऐसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसलिए इस समस्या में या इस समस्या से निजात पाने के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। आइए जानते हैं कि थायरॉइड की समस्या में किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किन चीजों का नहीं?
सलाह: थायरॉइड में भूलकर भी न खाएं ये चीजें, हो सकते हैं नुकसान
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थायरॉइड कम हो तो क्या खाएं?
- कम कैलोरी वाला आहार (अंगूर, सेब, खरबूजा, ब्रोकली, फूलगोभी, बीन्स, गाजर, चुकंदर)
- हरी पत्तेदार और रंगीन सब्जियां (भिंडी, लौकी, मेथी, पालक, बैंगन, टमाटर, करेला)
- प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ (दाल, दही, अंडा, चिकन, मछली)
- सूखे मेवे और बीज (अखरोट, सूरजमुखी के बीज आदि)
थायरॉइड कम हो तो क्या न खाएं?
- सोयाबीन या सोया युक्त खाद्य पदार्थ
- अधिक फैट वाले खाद्य पदार्थ (पास्ता, ब्रेड, बर्गर, केक, पेस्ट्री, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ आदि)
- चीनी युक्त खाद्य पदार्थ
थायरॉइड बढ़ने पर क्या खाएं?
- हाई कैलोरी फूड (फुल क्रीम दूध और उससे बनी दही, पनीर, चीकू, केला, खजूर)
- उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ (दाल, राजमा, दही, अंडा, मछली आदि)
- बादाम, अखरोट, पिस्ता, मूंगफली
- सफेद तिल, अलसी के बीज, सूरजमुखी के बीज, खरबूजे के बीज
- सब्जियों में फूलगोभी, ब्रोकली आदि
थायरॉइड बढ़ने पर क्या न खाएं?
- आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ कम मात्रा में खाएं या बिल्कुल न खाएं
- जंक फूड न खाएं
- भोजन से पहले पानी या कोई भी ड्रिंक लेने से बचें
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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