प्रदूषण की वजह से सेहत संबधी कई समस्याएं होती हैं। इस पर कई शोध भी हुए हैं। हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान यदि महिलाएं प्रदूषण की चपेट में आती हैं, तो उनके बच्चे कम वजन के पैदा होते हैं।
इन शहरों में प्रेग्नेंट महिलाओं को नहीं रहना चाहिए
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इस अध्ययन को इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च द्वारा किया गया है। इस अध्ययन के लिए तमिलनाडु के शहरी और ग्रामीण इलाकों की 1,285 गर्भवती महिलाओं को चुना गया था। अध्ययन बताता है कि प्रदूषण के प्रभाव से नवजात शिशु के वजन में कमी होती है।
अध्ययन की प्रमुख कल्पना बालकृष्णनन कहती हैं, 'भारत में यह बहुत ही आम है, जो कि वायु में बढ़ते प्रदूषण के कारण होता है। नवजात शिशुओं में कम वजन होना स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही गंभीर मामला है और यह नवजात शिशु के स्वास्थ्य पर खराब असर डालता है।
(अगली स्लाइड में जानें सबसे प्रदूषित हवाओं वाले देश के शीर्ष 10 शहर कौन-कौन से हैं)
एयर क्वॉलिटी इंडेक्स, 2018 के अनुसार, कानपुर, गाजियाबाद और मोरादाबाद में हवा जहरीली है। वहीं, आगरा, पटना, लखनऊ, नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में हवा की गुणवत्ता बदतर।
यानी दिल्ली-एनसीआर (गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम) में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं।