मौसम का मिजाज बदलते ही खांसी-जुकाम, गले में खराश, बुखार होना शुरू हो जाता है। अधिकतर लोगों में खांसी की समस्या पाई जाती है। खांसी के भी दो प्रकार की होती है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि कफ वाली खांसी जल्दी ठीक हो जाती है लेकिन सूखी खांसी पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं लेती है। सूखी खांसी में खांस-खांसकर सीने में दर्द और जलन होने लगती है।
इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर इस सर्दी सूखी खांसी को कहें बाय बाय
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तुलसी के पत्ते के अनगिनत फायदे होते हैं। तुलसी का पत्ता सूखी खांसी को चुटकी में दूर कर सकता है। आप तुलसी के पत्ते को उबलाकर उसमें चीनी डालकर भी पी सकते हैं। इसके अलावा आप बिना चीनी के भी रात को सोने से पहले भी पी सकते हैं। इसके सेवन से आपको सूखी खांसी के अतिरिक्त कई नए लाभ भी मिलेंगे।
अदरक भी सूखी खांसी को कम करने में मददगार है। इसके अलावा सर्दी-जुकाम में भी चाय में अदरक डालकर पीने से काफी राहत मिलती है। सूखी खांसी में अदरक का सेवन करने से कफ और खांसी कम होने लगती है। अदरक को कूट कर एक कप पानी में डालकर उबालकर रख लें। इसे पानी को आप दिन में थोड़ा-थोड़ा करके पी सकते हैं।
सेब का सिरका भी सूखी खांसी को कम करता है। सेब के सिरके के सेवन से पाचन प्रक्रिया भी दुरुस्त रहती है। अगर सूखी खांसी की समस्या को दूर करना है तो दो चम्मच सेब के सिरके को गर्म पानी में मिला दें। आप इसमें शहद भी डाल सकते हैं। इसे दिन में दो से तीन बार पी लें।
शहद भी सूखी खांसी को कम करने का एक अच्छा विकल्प है। शहद का सेवन सूखी खांसी के दौरान लार उत्पन्न करने वाली ग्रंथियों को सक्रिय करता है , जिससे वायु में चिकनाहट आने लगती है। इसी कारण ही खांसी कम होनी शुरू हो जाती है। एक चम्मच शहद में अनार और अदरक का रस मिलाकर पीने से दो से तीन दिन में खांसी कम होने लगेगी।