वर्षों से हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जाता रहा है। हालांकि पिछले एक दशक में बिगड़ती जीवनशैली की आदतों और आहार में गड़बड़ी के कारण कम उम्र के लोग भी इस गंभीर समस्या के तेजी से शिकार होते जा रहे हैं। हृदय रोगों पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो गंभीर स्थितियों में यह हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकती है। हार्ट अटैक एक आपातकालीन स्थिति है, जिसमें समय पर उपचार न मिल पाने की स्थिति में मृत्य भी हो सकती है।
Heart Problems: हार्ट अटैक से पहले शरीर में होने लगती हैं ऐसी समस्याएं, इन लक्षणों पर ध्यान देकर कर सकते हैं बचाव
सीने में बेचैनी या असहजता
हार्ट अटैक की स्थिति में छाती में असहजता महसूस होने की स्थिति को सबसे सामान्य संकेत के तौर पर देखा जाता है। छाती में लगातार दबाव बना रहना, दर्द होना या ऐंठन महसूस होना हार्ट अटैक की तरफ संकेत माना जाता है। इस तरह के समस्या मुख्यत: बाईं तरफ होती है, दर्द कुछ स्थितियों में काफी तेज भी हो सकता है। अगर आपको अक्सर छाती में असहजता का अनुभव होता रहता है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
शरीर के अन्य हिस्सों की समस्या
छाती के अलावा हार्ट अटैक की स्थिति में शरीर के अन्य हिस्सों में भी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं, जिनपर भी सभी लोगों को ध्यान देते रहना आवश्यक हो जाता है। एक या दोनों हाथों, पीठ, गर्दन, जबड़े में दर्द और असहजता का अनुभव भी हृदय की समस्याओं का संकेत माना जाता है। इन लक्षणों को अनदेखा करने की गलती न करें। हार्ट अटैक एक जानलेवा स्थिति है, ऐसे में इसके लक्षणों की गंभीरता पर ध्यान देना बहुत आवश्यक हो जाता है।
सांसों की समस्या
हृदय रोगों, विशेषकर हार्ट अटैक की स्थिति में सांसों से संबंधित दिक्कतों का अनुभव होना भी काफी सामान्य माना जाता है। यदि आपको अक्सर सीने में तकलीफ के साथ या सांस लेने में कठिनाई का एहसास होता रहता है, तो इन लक्षणों को बिल्कुल अनदेखा न करें। ऐसी समस्याएं हार्ट अटैक का संकेत हो सकती है। लगातार बनी रहने वाली इन दिक्कतों के बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह ले लें, ताकि हार्ट अटैक के संभावित खतरे को रोका जा सके।
इन संकेतों पर भी ध्यान दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट अटैक की स्थिति में शरीर में कई तरह की दिक्कतों का अनुभव हो सकता है। आमतौर पर हम सभी ऐसे संकेतों को सामान्य मानकर इग्नोर कर देते हैं, हालांकि ऐसा करना बड़ी मुसीबतों को जन्म दे सकता है। इन लक्षणों को लेकर भी सभी लोगों के विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।
- छाती या बाहों में दबाव, जकड़न या दर्द जैसा अनुभव होना।
- छाती में दर्द की अनुभूति जो आपके गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकती है।
- मतली, अपच या पेट दर्द की समस्या।
- सामान्य रूप से सांस लेने में दिक्कत महसूस होना।
- अधिक पसीना आना या लगातार थकान महसूस होते रहना।
- चक्कर आना।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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