गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए अगर आप भी कोल्ड ड्रिंक जैसे मीठे पेय का सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए, ये शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ तमाम अध्ययनों में मीठे पेय से होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर सावधान करते रहे हैं। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जो लोग हफ्ते में दो बार भी मीठे पेय का सेवन करते हैं और नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते हैं, उनमें हृदय रोग विकसित होने की आशंका लगभग 50% अधिक होती है।
Study: हफ्ते में दो बार भी पीते हैं कोल्ड ड्रिंक तो हो जाइए सावधान, इससे 50% तक बढ़ सकता है हृदय रोगों का खतरा
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मीठे पेय और हृदय रोगों का खतरा
अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशियन में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कम मात्रा में भी मीठे पेय के सेवन की आदत असल में बहुत नुकसानदायक हो सकती है।
हार्वर्ड के टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में आहार और पोषण अनुसंधान वैज्ञानिक डॉ लोरेना पचेको कहते हैं, मैं खुद एक आहार विशेषज्ञ हूं, इसलिए इस बात से सहमत हूं कि हमारे लिए मीठे पेय कितने हानिकारक हो सकते हैं। ये पेय पदार्थ तरल कैंडी की तरह होते हैं। स्पोर्ट्स ड्रिंक्स को लेकर भी कई अध्ययनों में दुष्प्रभावों को लेकर सावधान किया जाता रहा है।
अध्ययन में क्या पता चला?
एक लाख से ज्यादा लोगों पर किए गए चौंकाने वाले अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और हफ्ते में सिर्फ दो बार ही मीठे पेय पदार्थ पीते हैं, उनमें हृदय रोगों का खतरा 15 फीसदी तक अधिक होता है। वहीं जिन प्रतिभागियों ने हफ्ते में दो बार मीठे पेय पदार्थ पिए और व्यायाम नहीं किया, उनमें दिल की बीमारी होने का जोखिम 50 फीसदी अधिक देखा गया।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
अध्ययनकर्ता कहते हैं, यह कोई रहस्य नहीं है कि किसी भी रूप में चीनी का अधिक सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, लिक्विड के रूप में चीनी का सेवन और भी समस्याकारक है। डॉ लोरेना पचेको कहते हैं, मार्केटिंग कंपनियां इस बात पर जोर देती हैं कि चीनी-मीठे पेय पदार्थों का उन लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है जो नियमित व्यायाम करते हैं। पर हमारे निष्कर्षों इस बात को पूरी तरह से खारिज करते हैं।
चीनी-मीठे पेय पदार्थों का सेवन जितना संभव हो उतना कम करना चाहिए। ये न सिर्फ हृदय रोगों का कारक हैं, इनसे डायबिटीज, मोटापा और इंफ्लामेशन का भी खतरा हो सकता है।
मीठी चीजों से बनाकर रखें दूरी
यूएस स्थित विर्टा हेल्थ में चिकित्सा निदेशक प्रोफेसर जेफ स्टेनली कहते हैं, हाई ग्लूकोज का स्तर और हाई इंसुलिन के कारण रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने, मधुमेह और इसकी जटिलताओं का खतरा हो सकता है। इंसुलिन प्रतिरोध भी हृदय रोग के लिए एक बड़ा जोखिम कारक है।
प्रोफेसर स्टेनली कहते हैं, मीठी चीजों से, विशेषतौर पर एडेड शुगर से दूरी बनाकर रखना अच्छी सेहत के लिए बहुत आवश्यक है। हृदय रोग और डायबिटीज दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियां हैं और इन दोनों के लिए एडेड शुगर को हानिकारक माना जाता है।
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स्रोत और संदर्भ
Sugar-sweetened or artificially-sweetened beverage consumption, physical activity, and risk of cardiovascular disease in adults
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