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कोरोना से बचाव: क्या छोटे बच्चों से भी फैल सकता है संक्रमण? अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा

Sat, 21 Aug 2021 03:22 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sat, 21 Aug 2021 03:22 PM IST
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Study says, children spread Virus in Homes more Easily than teenagers
बच्चों से संक्रमण फैलने का खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

कोरोना के नए वैरिएंट्स को विशेषज्ञ तीसरी लहर के मुख्य कारण के रूप में देख रहे हैं। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि, चूंकि बच्चों का अब तक वैक्सीनेशन नहीं हुआ है, ऐसे में तीसरी लहर के दौरान इनमें संक्रमण का खतरा सबसे अधिक हो सकता है। बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीनों का परीक्षण जारी है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि अगर बच्चे कोरोना से संक्रमित हो जाते हैं, तो क्या उनसे अन्य लोगों को भी संक्रमण का खतरा हो सकता है?


बच्चों से अन्य लोगों को कोरोना के संक्रमण का खतरा कितना अधिक हो सकता है? इसी को लेकर हाल ही में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बड़ा खुलासा किया है। कैनेडियन पब्लिक हेल्थ एजेंसी द्वारा किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि किशोरों की तुलना में शिशुओं और बच्चों से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा अधिक हो सकता है। संक्रमित बच्चे संक्रमण का वाहक हो सकते हैं और इनसे परिवार के अन्य लोगों में तेजी से संक्रमण फैलने का डर हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर बच्चों से कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा इतना अधिक क्यों माना जा रहा है? इस बारे में शोधकर्ताओं ने किन महत्वपूर्ण विषयों पर जोर दिया है?

Study says, children spread Virus in Homes more Easily than teenagers
बच्चों में कोरोना संक्रमण(सांकेतिक) - फोटो : i stock

बच्चों से संक्रमण के प्रसार का खतरा क्यों अधिक?
जामा पेरेडाइस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि छोटे बच्चों से संक्रमण के प्रसार अधिक होने के पीछे मुख्यरूप से व्यवहार संबंधी कारकों को जिम्मेदार माना जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि संक्रमण के दौरान जिस तरह से बड़े लोगों को बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है, बच्चों के साथ भी ऐसा ही है। अब चूंकि बच्चे खुद से आवश्यक नियमों का पालन नहीं कर सकते हैं, न ही उन्हें आइसोलेट किया जा सकता है। इस स्थिति में उनके देखभाल के लिए घर के अन्य सदस्यों की जरूरत होती है, इससे अन्य लोगों के संक्रमित होने का खतरा अधिक हो सकता है।

Study says, children spread Virus in Homes more Easily than teenagers
बच्चों से अन्य लोगों को भी हो सकता है संक्रमण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

तीन साल से छोटे बच्चे तेजी से फैला सकते हैं संक्रमण
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने तमाम स्तर पर खतरे की जांच की। इसके लिए जून से दिसंबर 2020 के बीच करीब 6200 ऐसे परिवारों से संपर्क किया गया जिनके बच्चे कोरोना से संक्रमित रह चुके थे। इन आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि युवाओं की तुलना में तीन साल से कम आयु के बच्चों से संक्रमण फैलने का खतरा डेढ़ गुना तक अधिक हो सकता है। इस तरह के छोटे बच्चे वाहक बनकर घर के अन्य लोगों में संक्रमित कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है, बच्चों के नाक और गले में वायरल लोड अधिक होता है, इसलिए संक्रमण के प्रसार का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण के दौरान बच्चों को विशेष देखभाल की आवश्यकता भी होती है, ऐसे में उन्हें आइसोलेट भी नहीं किया जा सकता है।

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बच्चे बन सकते हैं संक्रमण के वाहक (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

क्या है शोधकर्ताओं की राय?
वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय में महामारी विज्ञानी जो हाइड कहते हैं, अध्ययन से पता चलता है कि छोटे बच्चे भी आसानी से वायरस संचारित कर सकते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्कूल जल्द ही फिर से खुलेंगे तो हम उनकी सुरक्षा कैसे करेंगे? फिलहाल अगर घर में किसी बच्चे में संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं। इसके अलावा संक्रमित बच्चों की देखभाल करते समय सुरक्षा के सभी उपायों का पालन करें। घर में भी मास्क लगाकर रखें।

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बच्चों को स्कूलों में कैसे रखे सुरक्षित? - फोटो : iStock

स्कूल में बच्चों की कैसे करें देखभाल?
वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों को अभी वैक्सीन नहीं दी जा रही है, ऐसे में घर के बाकी सभी लोगों ने टीका लगवा लिया है, यह जरूर सुनिश्चित करें। घरेलू प्रसार को रोकने में इससे मदद मिल सकती है। ऐसे ही जहां पर स्कूल खुल गए हैं, वहीं पर सभी अध्यापकों का टीकाकरण सुनिश्चित कराएं। स्कूल में शारीरिक दूरी, अच्छे वेंटिलेशन, परीक्षण और मास्किंग सहित कई तरह की आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के नवीनतम स्कूल दिशानिर्देश में 2 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए मास्क लगाने का सुझाव दिया गया है।


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स्रोत और संदर्भ: 
Association of Age and Pediatric Household Transmission of SARS-CoV-2 Infection

अस्वीकरण नोट: यह लेख जामा पेरेडाइस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।

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