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Health Alert: बचपन में ये छोटी सी लापरवाही 50% तक बढ़ा सकती है हृदय रोगों का खतरा, सभी माता-पिता दें ध्यान

Tue, 23 Sep 2025 06:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 23 Sep 2025 06:24 PM IST
सार

  • जामा जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार सात साल तक की उम्र में जिन बच्चों में उच्च रक्तचाप की समस्या थी, उनमें 50 की उम्र तक जाते-जाते हार्ट अटैक-हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों के कारण मृत्यु का खतरा अधिक हो सकता है।

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study says blood pressure in childhood linked with increased death risk from heart disease in 50s
बच्चों में ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Amarujala.com

Heart Disease Risk: वैश्विक स्तर पर जिस तरह से हृदय स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, ये स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई हैं। हृदय की बीमारियां, आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्याओं के रूप में जानी जाती रही हैं, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर कहते हैं, इस खतरे को देखते हुए जरूरी हो गया है कि हार्ट हेल्थ को लेकर हम सभी पहले से सतर्क हो जाएं। 



आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारत में हृदय रोग जैसे हार्ट अटैक-स्ट्रोक, ब्लॉकेज सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है। हर चौथी मौत किसी न किसी दिल की समस्या से जुड़ी समस्या के कारण होती है। अब 30-40 साल के युवाओं में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। तनाव, खराब खानपान, ज्यादा नमक-तेल और शारीरिक गतिविधियों में कमी को इसका कारण माना जा रहा है।

हृदय रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्चे भी तेजी से हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हो रहे हैं। इसपर सभी माता-पिता को ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आने वाले दशकों में  हृदय रोग से मृत्यु का जोखिम बढ़ा सकती है।

study says blood pressure in childhood linked with increased death risk from heart disease in 50s
कम उम्र में ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com

कम उम्र में ब्लड प्रेशर से असमय मौत का खतरा

जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जामा) में प्रकाशित रिपोर्ट
के अनुसार सात साल तक की उम्र में जिन बच्चों में उच्च रक्तचाप की समस्या थी, उनमें 50 की उम्र तक जाते-जाते हार्ट अटैक-हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों के कारण मृत्यु का खतरा अधिक हो सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञों की टीम ने बच्चों के रक्तचाप की नियमित जांच और हृदय-स्वस्थ को ठीक रखने वाली आदतों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। 

अध्ययन की प्रमुख लेखिका और अमेरिका के नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन की सहायक प्रोफेसर एलेक्सा फ्रीडमैन कहती हैं, बचपन में हाई ब्लड प्रेशर होने से व्यक्ति के जीवन के अगले पांच दशकों में मृत्यु का जोखिम 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

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हृदय रोग, हार्ट अटैक से मौत का खतरा - फोटो : adobe stock photos

अध्ययन में क्या पता चला?

शोधकर्ताओं ने अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के हाइपरटेंशन साइंटिफिक सेशंस 2025 में अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किए हैं।

इसके लिए साल 1959 और 1966 के बीच जन्मे लगभग 38,000 बच्चों का उनके जीवन के अगले छह दशक (60 साल) तक स्वास्थ्य पर ध्यान रखा गया। करीब 50 साल बाद साल 2016 तक इनमें से कुल 2,837 प्रतिभागियों की मृत्यु हो गई, इनमें से 504 की मृत्यु हृदय रोगों के कारण हुई।

शोधकर्ताओं ने कहा, साल 1959 और 1966 के बीच जन्मे अमेरिकी बच्चों में सात साल की उम्र में उच्च रक्तचाप के कारण समय से पहले (हृदय संबंधी) मृत्यु दर के अधिक जोखिम से देखा गया।

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बच्चों के ब्लड प्रेशर पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

प्रोफेसर फ्रीडमैन कहती हैं, हमारे परिणाम बताते हैं कि बचपन से ही रक्तचाप की नियमित जांच करते रहना और कम उम्र से ही हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना माता-पिता के लिए जरूरी हो गई है।

अगर कम उम्र से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने वाले और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाले उपाय कर लिए जाएं तो भविष्य में जानलेवा हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है। जिन बच्चों को आनुवांशिक रूप से हृदय रोगों का खतरा अधिक होता है उनके माता-पिता को और अधिक सतर्क रहना जरूरी है।

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ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com

माता-पिता बच्चों के बीपी पर दें ध्यान

विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर लोगों को लगता है कि ब्लड प्रेशर तो सिर्फ बड़ों को होता है, लेकिन शोध बताते हैं कि भारत के करीब 7-10% बच्चों में भी हाई ब्लड प्रेशर या प्री-हाइपरटेंशन की समस्या देखी जा रही है। शहरों में रहने वाले, मोटापे के शिकार बच्चों और ज्यादा मोबाइल/टीवी देखने वाले बच्चों में यह समस्या और भी ज्यादा हो सकती है।

बच्चों को जंक फूड्स, पिज्जा-बर्गर, कोल्ड-ड्रिंक और पैकेट वाले स्नैक्स, नूडल्स-चिप्स कम दें। ये सभी चीजें हाई ब्लड प्रेशर और भविष्य में हृदय के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती हैं।



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स्रोत
High Blood Pressure in Childhood and Premature Cardiovascular Disease Mortality


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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