गर्भधारण की कृत्रिम प्रक्रिया यानी आईवीएफ का चलन हाल के वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ा है। किसी भी कारण से मां बनने में अक्षम महिलाओं के लिए यह तकनीकि वरदान के तौर पर देखा जाती है। हालांकि एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने जो परिणाम देखे हैं उसके आधार पर आईवीएफ को 'रंगभेदी' कहा जा सकता है। विशेषज्ञों ने एक अध्ययन के दौरान पाया कि श्वेत महिलाओं की तुलना में अश्वेतों में इस प्रक्रिया के सफल होने की संभावना कम होती है। शोध की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया है कि अश्वेत महिलाओं में आईवीएफ की सफलता की संभावना अपेक्षाकृत कम होती है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि इसके पीछे वैज्ञानिकों ने क्या कारण दिए हैं?
विशेषज्ञों ने अध्ययन में आईवीएफ प्रक्रिया को पाया 'रंगभेदी', इन महिलाओं में सफल होने की संभावना होती है कम
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Fri, 26 Mar 2021 02:37 PM IST
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