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विशेषज्ञों ने अध्ययन में आईवीएफ प्रक्रिया को पाया 'रंगभेदी', इन महिलाओं में सफल होने की संभावना होती है कम

Fri, 26 Mar 2021 02:37 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Fri, 26 Mar 2021 02:37 PM IST
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Study says black Women have low Chances Of Successful IVF
आईवीएफ - फोटो : सोशल मीडिया

गर्भधारण की कृत्रिम प्रक्रिया यानी आईवीएफ का चलन हाल के वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ा है। किसी भी कारण से मां बनने में अक्षम महिलाओं के लिए यह तकनीकि वरदान के तौर पर देखा जाती है। हालांकि एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने जो परिणाम देखे हैं उसके आधार पर आईवीएफ को 'रंगभेदी' कहा जा सकता है। विशेषज्ञों ने एक अध्ययन के दौरान पाया कि श्वेत महिलाओं की तुलना में अश्वेतों में इस प्रक्रिया के सफल होने की संभावना कम होती है। शोध की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया है कि अश्वेत महिलाओं में आईवीएफ की सफलता की संभावना अपेक्षाकृत कम होती है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि इसके पीछे वैज्ञानिकों ने क्या कारण दिए हैं?

Study says black Women have low Chances Of Successful IVF
IVF - फोटो : IVF

ह्यूमन फर्टिलाइजेशन एंड एम्ब्रायोलॉजी अथॉरिटी के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की मानें तो अश्वेत महिलाओं, विशेषकर अफ्रीकन में आईवीएफ रेट कम पाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 30 से 34 वर्षीय अश्वेत महिलाओं में आईवीएफ के जरिए गर्भधारण करने का आंकड़ा 23 फीसदी जबकि श्वेत और अन्य महिलाओं में यह आंकड़ा 30 फीसदी से ऊपर का पाया गया है। इस रिपोर्ट ने लोगों के मन में कई सारे सवाल पैदा कर दिए हैं।

Study says black Women have low Chances Of Successful IVF
आईवीएफ - फोटो : unsplash

किन कारणों से हो रही है इस तरह की समस्या?
विशेषज्ञों के मुताबिक अश्वेत महिलाओं को इस प्रकार की समस्या क्यों आ रही है इसका कारण स्पष्ट नहीं है। हालांकि माना जा सकता है कि मोटापे-हृदयरोग जैसी कई सारी बीमारियों और सामाजिक-आर्थिक कमजोरी के कारण इस तरह की समस्याएं आ रही हैं। इसके अलावा अश्वेत महिलाओं में फाइब्रॉइड की समस्या भी ज्यादा देखने को मिलती है, जिसे भी इसके संभावित कारणों मेें से माना जा सकता है। फाइब्रॉएड एक प्रकार की असामान्य वृद्धि है जो एक महिला के गर्भाशय में या उसके बाहर विकसित होती है।

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Study says black Women have low Chances Of Successful IVF
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

साल 2014 से 2018 के बीच किए गए अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने इस रिपोर्ट को तैयार किया है। इस दौरान शोधकर्ताओं नें आयु के आधार पर भी यह जानने की कोशिश की, किस आयु में आईवीएफ के सफल होने के आसार ज्यादा होते हैं। विशेषज्ञों ने पाया कि अन्य जातीय समूहों की तुलना अश्वेत महिलाएं आईवीएफ की शुरुआत करीब 36 की आयु में करती हैं जबकि अन्य महिलाएं 34 की आयु से ही प्रयास शुरू कर देती हैं, इसे भी संभावित कारण के रूप में देखा जा सकता है।

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