पर्याप्त मात्रा में नींद लेना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है। इसलिए कहा जाता है कि आठ घंटे की नींद बहुत ही जरूरी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद से जुड़ी भी कई बीमारियां हैं, जिससे दुनियाभर में कई लोग पीड़ित हैं। ऐसी ही एक बीमारी है हाइपरसोम्निया, जिसे अतिनिद्रा भी कहा जाता है। यह नींद से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसके कारण दिन में अत्यधिक नींद आती है, जबकि व्यक्ति आठ घंटे सो चुका होता है। आइए जानते हैं ज्यादा नींद आने की इस समस्या यानी हाइपरसोम्निया के कारण और लक्षणों के बारे में...
हाइपरसोम्निया: आखिर क्यों आती है बहुत ज्यादा नींद? जानिए इसके लक्षण और कारण
हाइपरसोम्निया के कारण
स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी प्रदान करने वाली वेबसाइट वेबएमडी के मुताबिक, हाइपरसोम्निया यानी अधिक नींद आने की ये वजहें हो सकती हैं:
- नींद संबंधी विकार नार्कोलेप्सी (दिन के समय नींद आना) और स्लीपएप्निया (नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट) की वजह से
- रात को पर्याप्त नींद नहीं लेने से
- वजन ज्यादा होने से
- नशीली दवाओं या शराब के अधिक सेवन से
- सिर पर चोट लगने या पार्किंसंस रोग जैसे न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण
- तनाव की वजह से
हाइपरसोम्निया के लक्षण
मेडिकल न्यूज टूडे के मुताबिक, हाइपरसोम्निया का प्राथमिक लक्षण तो अत्यधिक नींद आना है। इसके अलावा कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:
- दिन में कई बार सो जाना
- 9 घंटे से अधिक समय तक सोना, लेकिन फिर भी आराम महसूस नहीं करना
- नींद से जागने में कठिनाई होना
- नींद से जागने की कोशिश करते समय भ्रमित महसूस करना
आपके सोने की आदतों में मदद कर सकती हैं ये चीजें
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा यानी नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, आपकी नींद की आदतों को बदलने से हाइपरसोम्निया का इलाज तो नहीं हो सकता है, लेकिन यह आपको बेहतर महसूस करने में मदद जरूर कर सकता है। इसके लिए ये जरूरी हैं:
- हर रात एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं
- शराब और कैफीन के सेवन से बचें
- शांतिपूर्ण नींद का वातावरण बनाएं
- यदि संभव हो तो दवाओं से बचें जो उनींदापन यानी उंघाई का कारण बन सकती हैं
- देर रात तक काम करने से बचें