रात में सपने आना काफी सामान्य है। यह सामान्यतौर पर दैनिक जीवन में आपके साथ होने वाली घटनाओं पर आधारित माने जाते हैं। कुछ लोग रात के समय अक्सर डरावने सपने आने की शिकायत करते हैं, यह स्थिति आपको काफी असहज कर सकती है। डरावने सपने को सिर्फ इसके डर तक ही सीमित करके देखना सही नहीं है। बार-बार ऐसे सपने आना गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की तरफ संकेत भी हो सकता है।
अध्ययन: क्या आपको भी अक्सर आते रहते हैं बुरे सपने, यह न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का हो सकता है संकेत, बरतें सावधानी
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बुरे सपने और पार्किंसंस रोग
ई-क्लिनिकल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि जिन वयस्कों को अक्सर बुरे सपने आते रहते हैं, उनमें अन्य लोगों की तुलना में उम्र बढ़ने के साथ पार्किंसंस रोग होने का खतरा दो गुना अधिक हो सकता है। इससे पहले के अध्ययनों में बताया जाता रहा है कि पार्किंसंस रोग की समस्या वाले लोगों को अधिक बार बुरे सपनों का अनुभव हो सकता है। हालांकि बुरे-डरावने सपनों को पहली बार पार्किंसंस रोग के जोखिम कारक के तौर पर स्पष्ट किया गया है।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के लिए अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 12 साल की अवधि में 3,818 लोगों के डेटा का अध्ययन किया। इसमें जिन लोगों ने सप्ताह में कम से कम एक बार बुरे सपने आने की समस्या के बारे में सूचित किया, उनके जोखिम कारकों को समझने के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने विस्तृत फॉलोअप किया। अध्ययन के दौरान ऐसे 91 लोगों में पार्किंसंस रोग का निदान किया गया। ज्यादातर मामले अध्ययन के पहले पांच वर्षों में देखने को मिले। इस अवधि के दौरान बार-बार बुरे सपने देखने के बारे में सूचित करने वाले लोगों में पार्किंसंस विकसित होने की आशंका तीन गुना से अधिक पाई गई।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अध्ययन के बारे में बर्मिंघम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. अबिदेमी ओटाइकू बताते हैं, पार्किंसंस रोग का जितना जल्दी निदान हो जाए, यह स्थिति को बिगड़ने से बचाने में उतना ही फायदेमंद हो सकता है। अब तक इसके लिए महंगे परीक्षणों की आवश्यकता होती रही है, हालांकि इस अध्ययन से यह स्पष्ट हो जाता है कि अगर आपको बार-बार बुरे सपने आने की समस्या हो रही है तो इसे एक संकेत के रूप में देखा जा सकता है। इस आधार पर समय रहते रोग का निदान भी करना आसान हो सकता है।
अध्ययन का निष्कर्ष
अध्ययन के परिणाम से पता चलता है कि यदि आपको भी बार-बार बुरे-डरावने सपने आने की दिक्कत हो रही हो तो कुछ साल के भीतर आपमें पार्किंसंस रोग के निदान की आशंका दोगुना तक बढ़ जाती है। अध्ययन से यह भी पता चलता है कि सपने, हमारे मस्तिष्क की संरचना और कार्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रकट कर सकते हैं। इसे तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में भी देखा जा सकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Distressing dreams and risk of Parkinson's disease: A population-based cohort study
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