हृदय रोग या हार्ट अटैक अब सिर्फ बुजुर्गों में होने वाली समस्या नहीं रही है, कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में 30 से कम आयु वालों में हार्ट अटैक के बढ़ते हुए मामले रिपोर्ट किए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर तो हो रही रहा है साथ ही कोरोना महामारी ने भी इन समस्याओं के जोखिम को और बढ़ा दिया है।
Heart Attack: डॉक्टर ने हार्ट अटैक से बचने के बताए चार कारगर तरीके, कहा- सभी लोग रखें ध्यान
क्या है डॉक्टर्स की सलाह?
अमर उजाला से बातचीत में हृदय रोगों के विशेषज्ञ डॉ. अमृतपाल सिंह बताते हैं, जिस तरह की हम में से ज्यादातर लोगों की लाइफस्टाइल है, उसके कारण न सिर्फ हार्ट की समस्याओं का खतरा हो सकता है, साथ ही ये कई अन्य क्रोनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज, लंग्स की समस्या और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का जोखिम भी बढ़ाने वाली हो सकती है। सभी लोगों के लिए जरूरी है कि आप निरंतर उन उपायों को लेकर जागरूक रहें, जो हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकती है।
धूम्रपान से बिल्कुल बना लें दूरी
डॉक्टर कहते हैं, हार्ट की समस्याओं-हार्ट अटैक से बचाव के लिए सबसे आवश्यक है आप धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बना लें। भले ही आप धूम्रपान न करते हों, सेकेंडहैंड स्मोकिंग से भी बचाव करें। तम्बाकू में मौजूद रसायन हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। सिगरेट का धुआं रक्त में ऑक्सीजन कम कर देता है, जिससे रक्तचाप और हृदय गति बढ़ सकती है।
धूम्रपान छोड़ने से आप इन समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। अगर आप धूम्रपान करते हैं तो अभी से इसे छोड़ने का निश्चय लेकर भी इस जानलेवा समस्या के खतरे को कम कर सकते हैं।
शारीरिक रूप से रहें सक्रिय
नियमित दैनिक शारीरिक गतिविधि हृदय रोग के खतरे को कम कर सकती है। शारीरिक गतिविधि आपके वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करती है। यह उन समस्याओं के खतरे को भी कम करने में सहायक है जो हृदय पर दबाव डालती हैं, इनमें उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और टाइप-2 डायबिटीज शामिल हैं।
सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम गति के एरोबिक व्यायाम जैसे तेज गति से चलने की आदत बनाएं। योग के कई आसन भी हार्ट की मांसपेशियों की शक्ति में सुधार करते हैं।
आहार की पौष्टिकता जरूरी
स्वस्थ आहार न सिर्फ हृदय की रक्षा करता है साथ ही रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में मदद करता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खूब सारी हरी सब्जियों और फल के साथ आहार में लीन मीट और मछली, लो फैट वाले डेयरी उत्पाद, साबुत अनाज और हेल्दी फैट वाले तेल जैसे ऑलिव ऑयल का सेवन करें।
आहार की पौष्टिकता का ध्यान रखकर हार्ट की समस्याओं को कम करने में लाभ मिल सकता है।